पॉवर की बियर 190 रुपये में देने पर रोजाना हो रहे शराब दुकान पर वाद-विवाद शराब दुकान से बिल भी नही दिया जा रहा
सुराप्रेमियों के जेब पर डाका डाल रहे ठेकेदार के कर्मचारी
आमला। शराब के नए ठेके को लागू हुए कुछ दिन ही बीते है और शहर के शराब ठेकेदारों ने मनमानी शुरु कर दी है। देशी-विदेशी शराब निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर बेची जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सबकुछ आबकारी विभाग के अधिकारियों के संरक्षण में हो रहा है। सुराप्रेमियों का कहना है कि शराब ठेकेदार जहां ग्राहकों के जेब पर डाका डालकर बेहिसाब मुनाफा कमा रहे हैं, वहीं विभागीय अधिकारियों का मौन रहना, कहीं न कहीं शराब ठेकेदार को संरक्षण देना साबित हो रहा है। दरअसल 1 अप्रैल 2024 से शराब के नए ठेके शुरु हो गए हैं। शहर में भी देशी-विदेशी शराब के नए ठेके हुए है। खासबात यह है आमला के बस स्टैंड पर नजूल पट्टे की भूमि पर किराए से दुकान संचालित की जा रही है। यहां भी दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक दामों पर शराब बेची जा रही है। हरिश उइके, आदित्य राजपूत ने बताया कि इसका विरोध करने पर शराब दुकान के कर्मचारी वाद-विवाद पर उतर जाते है। कई बार अभद्रता भी करते है। सबसे खास बात यह है कि शराब दुकानों के सामने अभी तक रेट लिस्ट तक चस्पा नहीं की है। अधिक कीमत पर शराब बेचे जाने की शिकायते भी हो रही, लेकिन आबकारी विभाग मौन है। कार्रवाही नहीं करने से शराब ठेकेदार सुराप्रेमियों की जेब पर डाका डाल रहे है।
50 से 70 रूपये अधिक वसूलने के आरोप ………..
सुराप्रेमियों का आरोप है कि अंग्रेजी शराब दुकानों पर प्रिंट रेट से 50 से 70 रुपए अधिक दर पर शराब बेची जा रही है। साथ ही शराब की दुकानों पर रेट लिस्ट भी नहीं लगी है। शराब की मिल रही शिकायत के बावजूद प्रशासन व आबकारी विभाग कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। शासकीय विदेशी शराब दुकान बस स्टैंड आमला, शासकीय विदेशी शराब दुकान बोडखी, शासकीय देशी-विदेशी शराब दुकान पुराना थाना के पास आमला और बोडखी में स्कूल के पास संचालित हो रही कंपोजिट शासकीय शराब दुकान सभी पर यहीं हाल है। अलग-अलग ब्रांड के दाम अलग-अलग लिए जाते हैं। हर शराब एमआरपी से ऊपर ही बेंची जाती है। ग्राहक अगर बिल मांगता है तो उसे बिल भी नहीं दिया जाता। मजबूरी में वह उसी दाम पर खरीदने के लिए विवश रहता है।
क्या है एमआरपी को लेकर नियम ………..
प्रदेश में यदि कोई दुकानदार अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक कीमत वसूलता है तो इसे अवैध और कानून का उल्लंघन माना जाता है। उत्पाद पर छपी एमआरपी वह अधिकतम कीमत है, जो ग्राहक को किसी उत्पाद के लिए चुकानी पड़ती है। एमआरपी में सभी कर शामिल हैं और विक्रेता उत्पादों पर लिखी कीमत से अधिक शुल्क लेने के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। निर्माताओं और विक्रेताओं को केवल एमआरपी से कम कीमत पर बेचने और विशेष उत्पादों के लिए एमआरपी पर छूट देने की अनुमति है। एमआरपी से ज्यादा कीमत पर कोई भी सामान बेचने कानूनन गलत है। एमआरपी से अधिक कीमत पर उत्पाद बेचने या साबित होने पर कार्रवाही के प्रॉवधान है, लेकिन शहर में अधिक कीमत पर शराब बेचने के बावजूद आबकारी विभाग मौन है।
इनका कहना है…………………..
शासकीय देशी विदेशी शराब दुकान में शराब की कीमत ज्यादा ली जाने की शिकायत मिली है। आबकारी को रेट लिस्ट चस्पा करने के निर्देश दिए गए है। नजूल के पट्टे पर शराब दुकान संचलित करने की जाच की जा रही है। जांच के बाद पट्टा निरस्त किया जायेगा।
शैलेंद्र बडोनिया एसडीएम अमला
शासन द्वारा निर्धारित रेट लिस्ट जल्द ही लगा दी जाएगी तय कीमत पर ही राशि लेना है। शराब दुकान की भूमि का मामला राजस्व विभाग के अंतर्गत आता है। राजस्व विभाग द्वारा जाच की जाएगी।
गौरव पांडे नगर निरीक्षक आबकारी विभाग आमला

