महिला फुटबॉल कोच आमला में सेंट्रल रेलवे इंस्टीट्यूट के बच्चों को भाविका दे रही फुटबाल के टिप्स, हो रही ट्रेनिंग

आमला, आमला की रहने वाली वाली एक सामान्य परिवार की बेटी भाविका कारे जिले की पहली महिला फुटबाल कोच के रूप में आज जानी और पहचानी जाती है। भाविका ने आमला भीमनगर के एक निजी स्कूल से पढ़ाई पूरी करके,श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पढ़ाई की है,भाविका पिछले डेढ़ साल से बच्चों को फुटबाल की निशुल्क ट्रेनिंग दे रही है, जो बच्चों को खेलों के क्षेत्र में पारंगत कर रही है। भाविका के पिता स्वर्गीय अशोक कारे और उनकी माता सीमा कारे बताती है कि भाविका को शुरू से ही खेलों में रूचि रही है। आज हमे भी अपनी बेटी पर गर्व महसूस होता है कि वह एक खिलाड़ी कोच के रूप में जानी जाती है। उनकी माताजी बताती हैं कि भाविका शुरू से ही काफी मेहनती खिलाड़ी रही है। जिसके चलते उसने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है, जो आमला शहर के लिए एक गौरव का विषय है। भाविका का कहना है कि छोटे से शहर में खिलाडिय़ों के लिए संसाधन का अभाव है। लेकिन उनका प्रयास रहेगा कि ज्यादा से ज्यादा युवा खिलाडिय़ों को फुटबॉल का प्रशिक्षण देकर उन्हें नेशनल इंटरनेशनल खेल के लिए तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस फील्ड आने के लिए शेख हामिद सर ने उन्हें प्रेरित किया। भाविका ने कहा कि आमला शहर में अनेको खेल प्रतिभाएं है। लेकिन सहीं मार्गदर्शन और सहीं गाइडेंस के अभाव में खेल प्रतिभाएं उभर नहीं पाती है। उनका प्रयास है कि आमला के बच्चे अधिक से अधिक संख्या में पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में रूचि ले, ताकि शहर और जिले का नाम प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर रोशन हो सके। भाविका का कहना है कि वे बच्चों को निशुल्क खेल अभ्यास कराने के साथ-साथ खेलों की बारीकियों से भी अवगत करा रही है। ताकि प्रतियोगिताओं में बच्चे अच्छे से अच्छा प्रदर्शन कर सके।
