टीकमगढ़। श्यामा प्रसाद मुखर्जी नए बस स्टैंड पर टैक्ससियां और ऑटो बस स्टैंड प्रांगण के अंदर इस कदर आती -जाती हैं कि बसों से सवारियों का उतरना और बैठना भी मुश्किल हो जाता है बस स्टैंड प्रांगण में यातायात की तमाम व्यवस्थाएं चौपट हैं जहां टैक्सियां और ऑटो धड़ल्ले से प्रांगण में अंदर प्रवेश करतीं हैं जिनकी कोई रोक-टोक नहीं होती है आने -जाने वालों को भी बड़ी मुसीबतें सामने आती हैं और वहीं सवारियों को भी वसों में बैठना- उतरना मुश्किल हो जाता है बस स्टैंड पर यातायात व्यवस्थाएं पूरी तरह से दम तोड़ चुकीं हैं जहां यातायात पुलिस का कोई प्रभाव नजर नहीं आता बस स्टैंड प्रांगण के अंदर ऑटो और टैक्सियां धड़ल्ले से आती -जाती हैं और वही प्रांगण में ही अंदर प्रवेश कर जाती हैं और बसों के आगे -पीछे ,अगल-बगल में टैक्सियां लगा ली जाती हैं कभी-कभी तो बस के गेट खोलना भी साबरियों और बस संचालकों को मुश्किल पड़ जाता है इस कदर यहां यातायात के नियमों को ताक पर रखकर यह ऑटो टैक्सियां बस स्टैंड प्रांगण के अंदर धमा चौकड़ी मचाती हैं जहां यातायात पुलिस शून्य नजर आती है। अगर कोई दिव्यांग सवारी या भारी समान या फिर कोई ऐसा वृद्ध जो चलने में असमर्थ हो या कोई बीमार व्यक्ति बस से उतरकर प्रांगण के बाहर जाना चाहता है तब तो टैक्सी का अंदर जाना उचित है वह भी यातायात पुलिस की परमीशन के अनुसार लेकिन ऐसा यहां कुछ नहीं है यहां तो बिना किसी रोक-टोक के धमा चौकड़ी टैक्सियों और ऑटो की बस स्टैंड प्रांगण के अंदर रहती है जहां यातायात पुलिस की कोई भी कार्यवाही असरकारी नहीं दिखता है।

