टीकमगढ़। म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला न्यायाधीष,अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण माननीय श्री हितेन्द्र सिंह सिसौदिया के मुख्य आतिथ्य में 12 अगस्त 2024 सोमवार के दिन महिला बाल विकास के समन्वय से जिला न्यायालय परिसर स्थित ए.डी.आर. भवन में महिला एवं बाल विकास विभाग की महिला परियोजना अधिकारी, सुपरवाईजर, सी.डब्ल्यू.सी., शिशु गृह एवं बालगृह के पदाधिकारियों के मध्य कार्यशाला,जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यशाला,कार्यक्रम में प्रधान जिला न्यायाधीश,अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,श्री हितेन्द्र सिंह सिसौदिया द्वारा उपस्थित पदाधिकारियों को लैंगिक अपराध से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस एक्ट को लाने का सबसे बड़ी बजह यही थी कि इससे अवयस्क बच्चिओं व बच्चों को यौन उत्पीड़न के मामलों में संरक्षण दिया जा सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट टीकमगढ़ श्री एन. के. गुप्ता ने पाॅक्सो एक्ट की विस्तृत जानकारी दी तथा बताया कि जिन नाबालिग बच्चियों के साथ अप्रिय घटना हो जाती है, उन सभी को म.प्र. अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना 2015 के अंतर्गत प्रतिकर,सहायता राशि दी जाती है। कार्यशाला में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टीकमगढ़ श्री वरूण पुनासे ने बाल अधिकार के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं मध्यस्थता, विधिक सहायता, विधिक सलाह, लोक अदालत आदि की विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ श्री सीतारामने पुलिस विभाग से संबंधित जानकारी दी। इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती ऋतुजा चैहान की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में श्रम पदाधिकारी, टीकमगढ़ द्वारा बाल अधिकार, बाल श्रम अधिकार एवं संबंधित कानून की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री बृजेन्द्र सिंह भदौरिया, महिला एवं बाल विकास विभाग की पदाधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

