टीकमगढ़। कलेक्टर अवधेश शर्मा तथा पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के नेतृत्व में आज उत्सव भवन में जिले में संचालित अशासकीय विद्यालयों के लिए स्कूलों में सुरक्षा एवं संरक्षण उपाय तथा राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2024 के संबंध में उन्मुखीकरण बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के सभी अशासकीय स्कूलों के संचालकों और प्रबंधकों को विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में कलेक्टर श्री शर्मा ने सभी स्कूल संचालकों को राज्य सरकार की गाइडलाइनों का कड़ाई से पालन करने और विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्रों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2024 के महत्व और इसमें भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री काशवानी द्वारा विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने मैं हूं अभिमन्यु अभियान के तहत महिलाओं की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताया। उन्होंने स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और शिक्षकों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्कूलों में सुरक्षा के लिए आवश्यक उपायों और प्रक्रियाओं पर जोर दिया। इसी प्रकार नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाई गई और नशा मुक्ति के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा और नशा मुक्ति के लिए शपथ ली।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर प्रताप सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीताराम, एसडीएम श्री संजय कुमार दुबे, एसडीओपी टीकमगढ़ राहुल कटरे, जिला शिक्षा अधिकारी आईएल अठया, जिला परियोजना प्रबंधक शिक्षा मिशन श्री आरपी त्रिपाठी, रक्षित निरीक्षक कैलाश पटेल, थाना देहात प्रभारी निरीक्षक रवि गुप्ता, निरीक्षक श्रीमती सुषमा सिंह, पुलिस अधिकारी, कर्मचारी सहित शासकीय/अशासकीय स्कूलों के लगभग 350 संचालक एवं प्रबंधक उपस्थित रहे।
कॉलेजों/विद्यालयों/छात्रावासों के लिये शासन द्वारा जारी गाइडलाइन के संबंध में दिशा-निर्देश
कार्यक्रम में कॉलेजों/विद्यालयों/छात्रावासों के लिये शासन द्वारा जारी गाइडलाइन के संबंध में दिशा-निर्देश दिये गये। तदनुसार विद्यालय के आस-पास शराब, मादक पदार्थ, अवैध हथियार अथवा अन्य कोई अवैध गतिविधि संचालित न हो। विद्यालयों/छात्रावासों में रैगिंग, दुर्व्यवहार, उत्पीडन आदि से निपटने की प्रकिया हो । सभी छात्र छात्राओं, अभिभावकों को इससे अवगत कराया जाये। इस प्रकार की गतिविधि अगर पाई जाती है तो इसके संज्ञान लेने की प्रकिया से सभी को अवगत कराया जाये। अभिभावकों-शिक्षकों की मीटिंग नियमित रूप से आयोजित की जाये। स्कूलों, कॉलेजों, छात्रावासों में अग्निशमन यंत्र हो। सेफ्टी अलार्म की व्यवस्था हो। प्राकृतिक एंव मानवजनित आपदाओं से निपटने के इंतजाम किये जायें। स्कूलों, कॉलेजों एवं छात्रावासों में सीसीटीवी हो, पूरे कैंपस में कोई भी ब्लैक स्पॉट न रहे। सभी स्थानों पर प्रकाश के पर्याप्त इंतजाम हों।
विद्यालयों/कॉलेजों, छात्रावासों में मोबाइल फोन के उपयोग से सबंधित नियम हों। भवन, कक्षाओं, टायलेट, कमरों इत्यादि को स्कूल की छुटटी होने के बाद आवश्यक रूप से चौक किया जाये। इनको स्कूल/कॉलेज खुलने के पूर्व भी चौक किया जाये। भवनों से समस्त स्टाफ, छात्र-छात्राओं की आपातकालीन निकासी की व्यवस्था हो। भवन जर्जर न हों। समस्त शिक्षकों, सफाईकर्मी, बसों/गाडियों के ड्राईवर/क्लीनर, अन्य टीचिंग/नॉन टीचिंग कर्मचारियों (स्टाफ) का पुलिस वैरीफिकेशन जरूर करायें। स्कूलों/कॉलेजों में गुप्त रूप से शिकायत हेतु शिकायत पेटी की व्यवस्था हो। स्कूलों/कॉलेज, छात्रावास में सीसीटीवी कंट्रोल रूम/सुरक्षा गार्ड की प्रयाप्त व्यवस्था हो। विजिटर/अभिभावक रजिस्टर रखा जाये। प्राथमिक उपचार/मेडीकल इमरजेंसी से निपटने के पर्याप्त इंतजाम हों। साफ पानी एवं टॉयलेट की व्यवस्था हो, टॉयलेट की दीवारें साफ हो। कोई गलत बात न लिखी जाये। पीने के पानी की उचित व्यवस्था हो। स्कूल, कॉलेज, होस्टल में एंटी रैंगिग एक्ट का नोटिस, बोर्ड पर चस्पा करना अनिवार्य है। साथ ही हेल्पलाईन नबंर भी दर्ज किया जाये। समस्त स्टाफ को आई०डी० कार्ड दिये जायें। स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल के किसी भी कर्मचारी को संदिग्ध गतिविधि में लिप्त पाये जाने पर नौकरी से निकालने से पूर्व पुलिस को सूचना देनी होगी। सुरक्षा के लिये स्कूल, कॉलेजों में माता-पिता, शिक्षक, छात्रों की एक सुरक्षा समिति गठित की जाये। स्कूलों, कॉलेज, छात्रावासों में कीचड खुला पानी न हो। काउसंलिग की व्यवस्था हो। गुड टच-बैड टच की जानकारी प्राइमरी क्लास से ही दी जाये।
विद्यालयों में स्टाफ अभिभावकों के संपर्क मोबाइल नंबर अद्यतन हो। सेल्फ डिफेंस की ट्रैनिंग दी जाये। वाहन-फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा, सुरक्षा कागज, परमिट, ड्राईवर लायसेंस आदि पूर्ण हों। वाहन में विद्यालय का नाम, नंबर, पता जरूर लिखा जाये। वाहन में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था हो, महिला अटेंडेंट हो। दिव्यांगों के लिये पर्याप्त व्यवस्था हो। कम्पयूटर लैब में छात्रों एंव अन्य व्यक्तियों द्वारा कम्पयूटर के उपयोग पर सीसीटीवी से निगरानी रखी जाये। महिला हेल्पलाईन नंबर/चाईल्ड हेल्पलाइन नंबर, सायबर अपराध, पोक्सो एक्ट, जे०जे० एक्ट आदि की जानकारी दी जाये।
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