नर्मदापुरम/कन्हैया लाल वर्मा/श्री विद्या ललिताम्बा समिति के तत्त्वाधान श्रद्धेय गुरुदेव आचार्य श्री सोमेश परसाई जी के पावन सान्निध्य में आयोजित श्री सवा करोड़ शिवलिंग निर्माण एवं संगीतमय रुद्राभिषेक में आज तृतीय दिवस पर पूज्य गुरुदेव ने शिव भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस श्रद्धा एवं विश्वास के बिना सिद्ध पुरुष भी अपने ह्रदय में स्थित ईश्वर के दर्शन नही कर पाते उन श्रद्धा रूपी पार्वती जी तथा विश्वास रूपी शंकर जी का हम पूजन कर रहे हैं हम पर अपार भगवत्कृपा है वर्ना बिना भगवत्कृपा के सद्कार्यों में मन लगना ही संभव नही हैं ।
आचार्य श्री ने वेद मंत्र *यज्जाग्रतो दूरमुदैति दैवं तदु सुप्तस्य तथैवैति* मंत्र की व्याख्या करते हुए कहा कि बिना गोली खाये यदि नींद न आये तो समझ लेना परमात्मा से कुछ दूरी हो गई है ।तीन प्रकार की अवस्थाएं होती है ।जागृत, स्वप्न और सुषुप्ति।जब हम प्रातः काल उठे तो प्रातः श्लोकों का पाठ करना चाहिए ।श्लोक न पड़ पाएं तो कम से कम भजन ही कर लें । भजन भी ना हो सके तो कम से कम राम-राम का जाप ही कर लेना चाहिए ।आज नगरों में राम -राम सुनने को नही मिलता ।ये तो हमारे गाँव हमारे किसान धन्य है जो आज भी राम राम का सम्बोधन करते हैं ।
महाभारत का दृष्टांत सुनाते हुए आचार्य श्री ने कहा कि पांडव संख्या में कम थे फिर भी युद्ध जीते क्योंकि भगवान उनके साथ थे इसलिए मनुष्य को चाहिए कि व्यर्थ की चिंता छोड़ कर अपने जीवन की बागडोर भगवान के हाथ मे छोड़ देनी चाहिए ।
*पंचक की भ्रांति पर बोले आचार्य श्री*
गुरुदेव ने बताया कि पंचक में मंगल कार्य वर्जित नही हैं ।केवल दक्षिण दिशा में यात्रा,लकड़ी संचय ही निषिद्ध है।
*शिवलिंग निर्माण क्यों ?*
आचार्य श्री ने बताया कि शिवलिंग निर्माण कोई साधारण प्रयोग नही है।इसी से माता पार्वती ने भगवान को पति के रूप में प्राप्त किया।भगवान राम ने युद्ध मे विजय प्राप्त की।शिव भक्त ने बाणासुर ने सवाकरोड शिवलिंग निर्माण का अनुष्ठान किया है । आचार्य श्री ने कहा समाज को आज निर्माण की आवश्यकता है उस निर्माण के लिए ये सवाकरोड शिवलिंग निर्माण आवश्यक है ।
आचार्य श्री ने कहा कि भगवान् का निर्माण कौन कर सकता है इस लिए केवल समर्पण भाव से भगवान् को रिझाने की कोशिश करें भगवान न लकड़ी में है न मिट्टी में है भगवान् का वास तो हमारे भाव में है और वे ही भगवान् हमारे भाव के कारण साकार शिवलिंग के रूप में यहाँ आपके द्वारा निर्मित हुए हैं ।इसके पश्चात पूज्य गुरुदेव ने सभी शिवभक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि गौ रक्षा का मात्र उपाय गौ पालन ही है यदि हर घर मे एक भारतीय गाय का पालन और सेवा प्रारम्भ हो जाय तो स्वतः ही गौ माता का संरक्षण हो जायेगा ।
*800 विद्यार्थियों ने किया रुद्री निर्माण*
कार्यक्रम में सेठ गुरु प्रसाद विद्यालय की प्राचार्या श्री मति आभा शुक्ला एवं स्कूल छात्र छात्राएं ,मोना मेमोरियल स्कूल ,भविष्य विशेष निशक्त स्कूल,सेंट पॉल स्कूल,महाराणा प्रताप स्कूल रोहना,नर्मदा किड्स स्कूल के 800 विद्यार्थियों ने रुद्री निर्माण किया ।
*रघुवंशी समाज के पदाधिकारियों ने किया गुरुदेव का सम्मान*
*नगर के इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के पत्रकारों ने किया गुरुदेव का सम्मान*
महेश चौकसे ,राजेन्द्र ठाकुर जी ,राजू जमनानी जी ,सुधीर व्यास जी,शैलेन्द्र कौरव जी ,राजीव अग्रवाल ,आशीष मालवीय,पीताम्बर जोशी,संजीव खापरे,नरेंद्र कुशवाह ,सीमा कैथवास, रुद्रप्रताप सिंह,नेहा मालवीय,अतुल तिवारी,पूजा ठाकुर,राहुल वशिष्ठ,देवेंद्र बेस एवं सभी पत्रकारों ने पूज्य गुरुदेव का सम्मान किया
कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विधायक श्री सीताशरण शर्मा जी,पूर्व जिलापंचायत अध्यक्ष श्री भवानी शंकर शर्मा,श्री सुजान सिंह राजपूत सीईओ जिला पंचायत ,पंडित अरुण शर्मा,राहुल सोलंकी,महेश चौकसे ,प्रकाश शिवहरे ,लक्ष्मण सिंह बैस ,अशोक द्विवेदी,गोविंद राय,जय चौकसे,विक्रांत चौकसे,दीपक महालहा,प्रकाश गुप्ता छुटी,अर्पित मालवीय,सागर शिवहरे, आदि गणमान्य सम्मिलित हुए।

