टीकमगढ़। शहर के बीचो-बीच बना 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में सिद्ध चक्र महा मंगल विधान मैं सिद्धों की आराधना हो रही है अखिल भारतीय जैन युवा फैडरेशन के पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र जैन जनता ने प्रेस को व्हाट्सएप के माध्यम से प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि बड़े हर्ष उत्साह और उमंग के साथ भक्त ज्ञान की गंगा में डुबकी लगा रहे हैं । सुबह से ही भगवान का अभिषेक शांति धारा और संगीत मय विधान हो रहा है इसके बाद प्रवचन हुए प्रवचन में 105 कीर्तिमति माताजी ने कहा कि हमें किसी का बुरा नहीं करना है ना ही किसी का वुरा सोचना है ना ही बुरा देखना है सभी जीवों से मित्रता का व्यवहार करना है तो अगले जन्म में भी मित्रता के भाव रहेंगे गुणवान को देखकर हर्ष करना है चाहिए दुखी जीव की सेवा करना चाहिए। 105 प्रसन्न मति माताजी ने कहा कि अपना व्यवहार ऐसा रखो जहां तुम पहुंचो वहां के लोग इंतजार करें उन्होंने कहा कि समाज में संगठन होना चाहिए एवं साधु संतों की सुरक्षा भी होना चाहिए समाज में आपसी प्रेम होना चाहिए प्रेम होगा तो देश में समृद्धि होगी एवं साधु सेवा संघ बनना चाहिए जिससे साधु की अगवानी और बिहार हो सके इस मौके पर सैकड़ो की संख्या में पुरुष एवं माताये बहाने मौजूद रही।

