टीकमगढ़। हमारे शहर के राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त व्यंग्यकार रामस्वरूप दीक्षित के संपादन में निकलने वाली महत्वपूर्ण पत्रिका व्यंग्य लोक का लोकार्पण नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित एक भव्य समारोह में संपन्न हुआ। वरिष्ठ व्यंग्यकार डॉ प्रेम जनमेजय की अध्यक्षता और मुख्य अतिथि डॉ लक्ष्मी शंकर बाजपेयी तथा डॉ बजरंग बिहारी तिवारी एवं डॉ रमेश तिवारी के विशिष्ट आतिथ्य में इस पत्रिका का लोकार्पण हुआ।
पत्रिका के संपादक श्री राम स्वरूप दीक्षित ने पत्रिका के उद्देश्य और प्रकाशन की पृष्ठभूमि बताई और कहा कि वे बिना अपने मूल्यों से समझौता किए पत्रिका का संपादन जारी रखेंगे। इस अवसर पर श्री राजेंद्र सहगल, श्री वेदप्रकाश भारद्वाज तथा श्री रामकिशोर उपाध्याय सहित कुछ अन्य वक्ताओं ने व्यंग्य लोक’ के प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए साहित्य के विकास में पत्रिकाओं की भूमिका पर अपने-अपने सारगर्भित विचार व्यक्त किए। साथ ही व्यंग्य लोक के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। अपने सारगर्भित उद्बोधन व्यंग्य आलोचक और शब्दायतन पत्रिका के संपादक डॉ रमेश तिवारी नेकहा कि वे इस पत्रिका की सफलता की नहीं , बल्कि उसकी सार्थकता के लिए शुभकामनाएं दे रहा हूं। प्रख्यात विचारक और विशिष्ट अतिथि डॉ बजरंग बिहारी तिवारी ने इस विकट समय में अभिव्यक्ति के अस्तित्व को बचाए रखने की जरूरत पर बल दिया। साहित्य अमृत जैसी प्रतिष्ठित पत्रिका के संपादक और समारोह के मुख्य अतिथि डॉ लक्ष्मी शंकर वाजपेयी ने संपादन के क्षेत्र में आने वाले खतरों की ओर संकेत करते हुए आशा व्यक्त की कि दीक्षित जी इन खतरों से खेलते हुए अपना काम करते रहेंगे। वरिष्ठ व्यंग्यकार और पिछले बीस वर्षों से व्यंग्य यात्रा का संपादन कर रहे डॉ प्रेम जनमेजय ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में पत्रिका संपादन के रास्ते में आने वाली बाधाओं और उन्हें पार करने के उपाय सुझाए और वर्तमान परिदृश्य से संबंधित अपनी राय रखी। उन्होंने आशीर्वाद स्वरूप मंच पर ही आर्थिक सहायतराशि का लिफाफा संपादक रामस्वरूप दीक्षित को सौंपकर साहित्य जगत में एक नई तरह की परम्परा का शुभारंभ किया। सभागार में उपस्थित प्रबुद्ध श्रोताओं का स्वागत वरिष्ठ कवयित्री एवं पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ धीरा खंडेलवाल जी ने किया।कार्यक्रम का आरंभ वरिष्ठ कवयित्री स्नेहा देव द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ। आरती शर्मा जी ने अंगवस्त्र एवं पुष्प गुच्छ से अतिथियों और कवियों का स्वागत किया।
विशिष्ट वक्ताओं के उद्बोधन के उपरांत नरेश शांडिल्य , मनमोहन सिंह तन्हा , सुशांत सुप्रिय, डॉ उपासना दीक्षित, प्रेमलता आदि ने अपनी-अपनी प्रतिनिधि कविताओं का पाठ किया। कार्यक्रम का कुशलता पूर्वक संचालन आपके मित्र रणविजय राव ने किया। इस मौके पर भोपाल, इलाहाबाद, मेरठ , गुरुग्राम, नोएडा , ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद के अतिरिक्त दिल्ली और एनसीआर के कई साहित्यकार, साहित्य प्रेमी और पत्रकार कार्यक्रम के अंत तक मौजूद रहे। प्रेस को यह तमाम जानकारी पत्रिका के संपादक रामस्वरूप दीक्षित ने व्हाट्सएप के माध्यम से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है।
Contact info : narmadasamay@gmail.com / +917974372722

