

सिवनी मालवा / दिगंबर मंगल भवन जैन धर्मशाला देवल मोहल्ला में आयोजित विशाल संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के विश्राम दिवस विद्याभूषण शास्त्री द्वारा सुदामा चरित्र एवं परीक्षित मोक्ष की कथा श्रवण कराई गई। जिसमें महाराज द्वारा कथा के माध्यम से वर्णन किया गया कि जिस व्यक्ति के मन में भगवान के प्रति श्रद्धा प्रेम और विश्वास रूपी चार भाव होती हैं, उसके यहां से दरिद्रता का सदा के लिए नष्ट हो जाती है। जिस प्रकार सुदामा भगवान पर विश्वास करके और अपना भाव रूपी चावल भगवान को समर्पित किया तो भगवान ने सुदामा के जीवन से दरिद्रता को समाप्त कर दिया मन या बुद्धि में रहने वाली दरिद्रता ईश्वर भक्ति से नष्ट होती है, इसलिए सदैव ईश्वर भक्ति करना चाहिए सात दिन की कथा सुनकर के परीक्षित ने मोक्ष प्राप्त किया आत्म कल्याण किया। जिससे यह प्रेरणा मिलती है कि हमें सातों दिन तक नित्य भगवान की भक्ति से जुड़े रहना चाहिए। आत्म कल्याण का साधन श्रीमद् भागवत कथा है आत्मबोध कराती है। श्रीमद् भागवत कथा इसलिए जीवन में सदैव सत्संग से जुड़े रहना चाहिए विगत सात दिनों से सिवनी मालवा में भक्ति रूपी अमृत वर्षा में भक्तों ने बड़े भाव से कथा को श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। आयोजक कोदर सिंह मौर्य के द्वारा अपने पुत्र स्वर्गीय अवतार सिंह मौर्य की स्मृति में आयोजित कथा में पधारे सभी श्रद्धालु श्रोताओं का आभार व्यक्त किया गया और कथा के समापन अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने पधारकर भंडारा प्रसाद ग्रहण किया।

