प्रदीप गुप्ता/नर्मदापुरम/श्री विद्या ललिताम्बा समिति के तत्त्वाधान व पूज्य गुरूदेव आचार्य सोमेश परसाई के सान्निध्य में आयोजित श्री सवाकरोड शिवलिंग निर्माण एवं संगीतमय रुद्राभिषेक में आज चतुर्थ दिवस के अवसर पर पूज्य गुरुदेव शिव भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि नाम की महिमा अपरंपार है । भगवान शिव भी सदैव राम नाम के आनंद में रहते हैं वही राम शिव को हृदय में धारण करते हैं । राम चरित्र मानस के अंतर्गत सेतु बंधन का उदाहरण देते हुए आचार्य श्री ने कहा कि जिसको भगवान का सहारा होता है वह पत्थर भी भवसागर को तैर जाता है। शिव पुराण का उल्लेख करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि भगवान शिव की कृपा से ही भगवान विष्णु जगत मे पूज्य हुए और असत्य भाषण के कारण ब्रह्मा जी का पूजन नही होता । भगवान को सत्य का पालन करने वाले भक्त अत्यंत प्रिय होते है । जो भी व्यक्ति सत्य को धारण करता है अंत मे विजय उसी की होती है । आचार्य श्री ने कहा कि मन की निर्मलता ही प्रभु प्राप्ति का प्रथम चरण है बिना मन की निर्मलता के भगवान की प्राप्ति संभव नही ।क्योंकि जब मानस शुद्ध होगा तब चरित्र शुद्ध होगा और जब चरित्र शुद्ध होगा तभी श्री राम की प्राप्ति होगी ।इसके पश्चात आचार्य श्री ने कहा कि भगवान शिव ओघड़दानी है रुद्री बना कर एक चावल चढ़ा देने से भी पूरी पूजा का फल देते हैं। कार्यक्रम के प्रथम चरण में आचार्य पंकज पाठक एवं घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में वैदिक विद्वानों द्वारा गणेश अम्बिका सहित मंडल आदि पूजन के पश्चात रुद्र पाठ हुआ । तत्पश्चात शिव भक्तों ने रुद्री निर्माण प्रारम्भ किया । कार्यक्रम में कृषि मंत्री कमल पटेल , मा विधायक सीताशरण शर्मा , जिला कलेक्टर नीरज सिंह , जिला पंचायत सीईओ मनोज सरियाम, इटारसी नपा अध्यक्ष पंकज चौरे , नर्मदापुरम नपाध्यक्ष श्रीमति नीतू महेंद्र यादव, सुश्री राजो मालवीय , पूर्व विधायक राजेन्द्र सिंह , महेश चौकसे , डॉ रविन्द्र गंगराड़े , भरत भदौरिया, अंशुल राठौर, ओ एन चौबे , आर एस बोहरे , रघुवंशी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिशंकर रघुवंशी एवं अन्य पदाधिकारीगण सहित भारी संख्या में शिव भक्त सम्मिलित हुए ।

