प्रदीप गुप्ता/ नर्मदापुरम/ (इटारसी) आयुध निर्माणी में संतभक्त पं. भगवती प्रसाद तिवारी के श्रीमुख से चल रही दिव्य श्रीमद् भागवत कथा का आज चतुर्थ दिवस मे आयोजक परिवार प्रीति-शैलेन्द्र रघुवंशी, श्रीमति मधू रघुवंशी, नीतू रघुवंशी एवं समस्त भक्तजनों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण जी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा मे पंडित जी ने बताया कि संपूर्ण संसार में मनुष्य मात्र को सदा अपने कर्तव्य कर्म के साथ परम कर्त्तव्य आत्म सुख शांति को प्राप्त करना है। परमात्मा की सच्ची भक्ति से असंख्य जन्मों का भटकना समाप्त हो सकता है, अन्यथा बार बार जनम , मरण का चक्कर चलता रहता है।जब तक हमारा अज्ञान , अविद्या , विकार ,मन के दोष समाप्त नहीं होंगे तब तक दुःख का अंत नहीं होगा । अज्ञानता के कारण संसार की संपदा भी विपदा और संपत्ति भी विपत्ति बन जाती है। बारंबार सत्संग ,सेवा ,सुमरण , स्वाध्याय से , सदाचार से सद्ज्ञान की प्राप्ति होती है और अज्ञानता का नाश होता है। मन को मजबूत , ताकतवर बनाने वाली एक मात्र औषधि है नाम मंत्र जाप है।मन जब अतिशुद्ध , पवित्र होता है तभी आत्म कल्याण , आत्म उद्धार की तीव्र इच्छा होती है।

