प्रदीप गुप्ता/ नर्मदापुरम/ दिनांक 2/01/14 को फरियादी भागराम ने उसकी पत्नी भूरियाबाई की गुमशुदगी की रिपोर्ट केसला थाने में की थी कि उसकी पत्नी दिनांक 2/1/14 से घर से कहीं चली गई है। उसका अता पता नहीं है, पति भागराम ने थाने में बताया था कि उसके पड़ोसी माखन कोरकु पर उसको शक है कि उसने जादू टोना कर मेरी पत्नी भूरिया बाई की हत्या की है। जिस पर से पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर आरोपी माखन को धारा 302 भारतीय दंड संहिता एवं 201 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत गिरफ्तार किया तब आरोपी द्वारा अपने मेमोरेंडम कथन में बताया कि उसके द्वारा भूरिया भाई की हत्या कुल्हाड़ी और पत्थर से मारकर बड़ा डोल के जंगल में ले जाकर उसको मार डाला। इसके बाद उसके भाई राजू बरस्कर द्वारा मृतिका भूरिया बाई की लाश को 2 किलोमीटर दूर ले जाकर पहाड़ियों के बीच में छुपा दिया। इस पर से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर प्रकरण की सुनवाई तृतीय अपर सत्र जिला न्यायाधीश इटारसी श्रीमती सुशीला वर्मा के न्यायालय में हुई। एजीपी भूरे सिंह भदौरिया ने बताया कि उपरोक्त प्रकरण में 13 गवाह का न्यायालय में परीक्षण कराया एवं घटना से संबंधित करीब 28 सबूत पेश किए न्यायालय ने आरोपी गणों के खिलाफ हत्या एवं सबूत नष्ट करने का प्रकरण सिद्ध पाया। जिस पर आज दिनांक को आरोपी माखन बारस्कर को श्रीमती सुशीला वर्मा तृतीय अपर जिला सत्र न्यायाधीश द्वारा धारा 302 भारतीय दंड संहिता में आजीवन कारावास एवं ₹1000 जुर्माना एवं धारा 201 में 7 वर्ष का कारावास एवं ₹500 जुर्माना इसी प्रकार आरोपी राजू बारस्कर को धारा 201 में दूसरी पाते हुए 7 वर्ष का कारावास एवं ₹500 के जुर्माने से दंडित किया गया। आरोपी पूर्व से जमानत पर थे आज न्यायालय में उपस्थित थे। आरोपियों को आरोपी गणों को गिरफ्तार कर केंद्रीय जेल नर्मदापुरम भेजा गया । शासन की ओर से पैरवी अतिरिक्त जिला लोक अभियोजक (इटारसी) भूरे सिंह भदोरिया एवं राजू शुक्ला राजीव शुक्ला द्वारा की गई।

