पति की गला घोटकर हत्या करने बाली पत्नी को आजीवन कारावास
प्रदीप गुप्ता/ नर्मदापुरम/ प्रकरण में आरोपी सोनम के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता 1860 (आगे भा. दं.सं. की धारा 302 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध का आरोप है कि उसने दिनांक 29.08.2021 को सुबह 10:30 बजे मृतक रविशंकर का घर चर्च मोहल्ला, तवानगर तहसील इटारसी जिला नर्मदापुरम म.प्र. में साशय या ज्ञान रखते हुये रविशंकर का रस्सी से गला घोंटकर उसकी मृत्यु कारित कर हत्या की । मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 29.08.2021 को सूचनाकर्ता योगेश मसतकर ने डी.एस.पी.एम. अस्पताल में सूचना दी कि सुबह 10:45 बजे वह इंद्रा चौक के पास तवानगर में गया था, तभी उसकी मां शांताबाई का फोन आया और बताया कि भैया रविशंकर की तबियत खराब हो गयी है, वह बोल नहीं रहा है। तब उसने जाकर देखा तो रविशंकर उसके बैडरूम में सोये थे उनके पास उनकी पत्नी सोनम भी थी तथा भैया बोल नहीं रहे थे, तो उसने गाड़ी बुलाई और जैसवानी डाक्टर के पास ले गये डॉक्टर द्वारा चैक करने पर भैया को सरकारी अस्पताल ले जाने को कहा। सरकारी अस्पताल में उसके भैया रविशंकर को मृत घोषित कर दिया गया। मर्ग जांच के कथन व पी.एम. रिपोर्ट द्वारा दिये गये अभिमत से मृतक रविशंकर की मृत्यु किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा गला घोंटने से होना पाये जाने से तथा अन्वेषण के दौरान मृतक की पत्नी सोनम द्वारा उसके पति रविशंकर की गला घोंटकर हत्या करना पाये जाने से आरोपी सोनम के विरूद्ध धारा 302 भा.दं.सं. का अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार कर गिरफ्तारी पत्रक तैयार किया गया। एक रस्सी को जप्त कर जप्ती पंचनामा तैयार किया गया। शव को सुपुर्दगी पर दिये जाने बावत् शव सुपुर्दनामा पत्रक तैयार किया गया। संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी इटारसी के न्यायालय में पेश किया गया, जहां से मामला उपार्पण व अंतरण की कार्यवाही उपरांत दिनांक 28.12. 2021 को इस न्यायालय में विचारणार्थ प्राप्त हुआ । आरोप लिखित रूप में विरचित कर पढ़कर सुनाये व समझाए जाने पर आरोपी ने कंडिका-1 में वर्णित अपराध कारित करना अस्वीकार किया और विचारण चाहा। धारा 313 दं०प्र०सं० के अंतर्गत अभियुक्त परीक्षण में आरोपी की यह प्रतिरक्षा रही है कि मृतक द्वारा स्वयं झूले की रस्सी डालकर फांसी लगा ली गयी थी, वह निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है। न्यायाधीश हर्ष भदौरिया प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश इटारसी ने सुनाई सजा।

