इटारसी में सीपीआर ट्रेनिंग का आयोजन, लोगों को सिखाई गई जीवनरक्षक तकनीक
इटारसी थाना और शासकीय अस्पताल में डॉक्टर प्रियंक मिश्रा और स्टॉफ ने आम जनता को सीपीआर (CPR) सिखाई
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“इटारसी में जीवन रक्षक पहल: सीपीआर ट्रेनिंग से युवाओं को मिली ‘संजीवनी’ की शक्ति।”
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“आपात स्थिति में कैसे बचाएं जान? इटारसी में विशेषज्ञों ने सिखाई सीपीआर तकनीक।”
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“अब हर नागरिक बनेगा लाइफ-सेवर: इटारसी में वृहद सीपीआर जागरूकता शिविर संपन्न।”
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गोल्डन ऑवर (Golden Hour) का महत्व: “विशेषज्ञों ने बताया कि हार्ट अटैक के शुरुआती कुछ मिनट बेहद कीमती होते हैं। सही समय पर दिया गया सीपीआर मरीज की जान बचने की संभावना को 80% तक बढ़ा देता है।”
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डेमो और प्रैक्टिस: “प्रशिक्षण में केवल थ्योरी नहीं, बल्कि डमी (Mannequin) पर हाथों-हाथ प्रैक्टिस भी कराई गई, ताकि लोग घबराएं नहीं।”
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किन परिस्थितियों में जरूरी: “पानी में डूबने, करंट लगने या अचानक दिल की धड़कन रुकने पर यह तकनीक कैसे काम करती है, इसका विस्तार से वर्णन किया गया।”
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आयोजक : “डॉक्टर प्रियंक मिश्रा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रियंक मिश्रा ने नागरिकों की शंकाओं का समाधान किया।”
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इटारसी। आज के दौर में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों को देखते हुए इटारसी में एक विशेष जीवनरक्षक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने नागरिकों को CPR (Cardiopulmonary Resuscitation) की बारीकियां सिखाईं।
डॉक्टरों का संदेश: ट्रेनिंग के दौरान बताया गया कि अक्सर अस्पताल पहुँचने से पहले ही मरीज दम तोड़ देते हैं। यदि आसपास मौजूद व्यक्ति को सीपीआर देना आता हो, तो वह एक अनमोल जान बचा सकता है।
क्या सीखा लोगों ने?
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बेहोश व्यक्ति की पल्स चेक करना।
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चेस्ट कम्प्रेशन (सीने को दबाना) की सही गति और गहराई।
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मरीज को कृत्रिम सांस देने का सही तरीका।

पत्रकार-कुणाल पासवान
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