मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के समापन अवसर पर वन्यप्राणी संरक्षण पर पोस्टर प्रतियोगिता एवं प्रमाण-पत्रों का वितरण
इटारसी : उच्च शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार दिनांक 01.11.2022 से दिनांक 07.11.2022 तक मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के 67 वर्ष पर शासकीय कन्या महाविद्यालय इटारसी में विभन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. आर.एस. मेहरा ने कहा कि पर्यावरण संतुलन के लिये वन्यजीवों को संरक्षण अतिआश्यक है जिससे प्रकृति में स्थिरता बनी रहती है। डॉ. संजय आर्य ने कहा वन ओर वन्यजीवन, यह प्रकृति हमारे अस्तित्व की नींव है। इसका नष्ट एवं विलुप्त होना हमारे लिये खतरे का संकेत है, इसलिए वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जागरूकता में तेजी लाने के लिये पोस्टर प्रतियोंगिता का आयोजन किया गया है। वन्यप्राणी संरक्षण पर पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान कु. विशाखा सैनी, द्वितीय स्थान कु. मुस्कान मोहविया, तृतीय स्थान कु. आयुषी यादव रही। इस समापन अवसर पर प्राचार्य एवं सम्सत प्राध्यापकों द्वारा विजेता छात्राओं को प्रमाण पत्रों का वितरण किया गया। इस अवसर पर डॉ. कुमकुम जैन, श्रीमती मंजरी अवस्थी, श्रीमती पूनम साहू, श्री रविन्द्र चौरसिया, डॉ. संजय आर्य, श्री स्नेहांशु सिंह, श्री ए. के. पारोचे, डॉ. शिरीष परसाई, डॉ. श्रद्धा जैन, डॉ. शिखा गुप्ता, डॉ. नेहा सिकरवार, कु. क्षमा वर्मा, कु. प्रिया कलोसिया, कु. तरूणा तिवारी, कु. रश्मि मेहरा, कु. सरिता मेहरा, श्री राजेश कुशवाह एवं विभिन्न महाविद्यालय से पधारे हुए दल प्रंबधक एवं छात्राएँ उपस्थित थी ।
महाविद्यालय में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का आयोजन हुआ
आज अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज, हरिद्वार के तत्वावधान में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. एस. मेहरा ने कहा कि शैक्षणिक संस्थाओं में आयोजित भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा, छात्र छात्राओं में भारतीय संस्कृति के प्रति अभिरुचि पैदा करने में सफल रहेगी। इस प्रकार के आयोजन से भारतीय संस्कृति के विकास, नई पीढ़ी के नवनिर्माण तथा देश के विकास के प्रति जिम्मेदार युवाओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी। महाविद्यालय में परीक्षा आयोजन प्रभारी डॉ. शिरीष परसाई ने कहा कि स्वस्थ, शालीन, स्वावलंबी एवं सेवाभावी युवा, किसी भी सशक्त, श्रेष्ठ, संपन्न व सुखी राष्ट्र की नींव है परंतु वर्तमान परिपेक्ष्य में युवा, भारतीय संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं अतः भारतीय संस्कृति के मूल्यों को पुनः स्थापित करने एवं चरित्रवान व्यक्तित्व निर्माण के लिए लगातार इस प्रकार के आयोजन की अति आवश्यकता है। डॉ. संजय आर्य ने कहा की इस प्रकार के आयोजन से छात्राओं को भारतीय संस्कृति की जानकारी मिलेगी जिससे उनमें मानवीय मूल्यों का विकास होगा एवं जीवन लक्ष्य के प्रति सजगता बढ़ेगी। महाविद्यालय की अनेक छात्राओं ने परीक्षा में भाग लिया ।


