नर्मदापुरम: किसानों की 26 सूत्रीय मांगों को लेकर हुंकार I
नर्मदापुरम-पीपल चौक पर आयोजित इस धरना प्रदर्शन में किसानों ने अपनी “ज्वलंत समस्याओं” को लेकर प्रशासन को घेरा। डिप्टी कमिश्नर को सौंपे गए ज्ञापनों में सबसे तीखा स्वर चुनाव के दौरान किए गए धान और गेहूं के भाव के वादे को लेकर था।
1. मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन: प्रमुख आर्थिक मांगें (14 मांगें)
किसानों का आरोप है कि सरकार ने सत्ता में आने से पहले जो ‘गारंटी’ दी थी, उसे अब तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया है।
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धान का भाव: चुनावी घोषणा के अनुसार ₹3100 प्रति क्विंटल करने की मांग।
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गेहूं का भाव: चुनावी वादे के मुताबिक ₹2700 प्रति क्विंटल सुनिश्चित करने की मांग।
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लागत आधारित मूल्य: खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए लाभकारी मूल्य की स्थाई व्यवस्था।
2. कमिश्नर के नाम ज्ञापन: स्थानीय एवं प्रशासनिक मांगें (12 मांगें)
स्थानीय प्रशासन से जुड़ी समस्याओं में डोलरिया भूमि विवाद और नहर अतिक्रमण सबसे प्रमुख रहे:
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समर्थन मूल्य पंजीयन: गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन की प्रक्रिया को सरल किया जाए और इसकी अंतिम तिथि 20 मार्च तक प्रभावी रखी जाए।
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डोलरिया भूमि विवाद: डोलरिया के 34 किसानों की निजी भूमि को प्रशासन द्वारा ‘शासकीय’ घोषित किए जाने का कड़ा विरोध। किसानों ने इसे तत्काल सुधारने की मांग की है।
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पराली प्रबंधन (बेलर मशीन): प्रदूषण रोकने के लिए प्रति 100 एकड़ जमीन पर 4 बेलर मशीनें अधिकतम अनुदान (Subsidy) पर उपलब्ध कराने की मांग।
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अधूरी सड़कें: नर्मदापुरम से रायपुर जाने वाली अधूरी सड़क का निर्माण तुरंत पूरा करने की मांग।
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नहरों की सफाई: सिंचाई के लिए पानी की सुचारू आपूर्ति हेतु नहरों से अवैध अतिक्रमण हटाने की अपील।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी (Subsidy Update)
मध्य प्रदेश सरकार वर्तमान में ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल के माध्यम से मशीनों पर सब्सिडी देती है।
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बेलर मशीन: इस पर किसानों को यूनिट लागत का 40% से 50% तक अनुदान मिल सकता है (श्रेणी के अनुसार)।
विशेष नोट: डोलरिया के 34 किसानों का मुद्दा बेहद गंभीर है, क्योंकि यह सीधे तौर पर उनकी मलकियत (Ownership) से जुड़ा है।
पत्रकार कुणाल पासवान
Mob-7581988260


