प्रदीप गुप्ता/ नर्मदापुरम/शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय की छात्रावास एवं इतिहास विभाग की 48 छात्राओं ने इतिहास विभाग के प्राध्यापकों डॉ आर.बी. शाह, डॉ रामबाबू मेहर, डॉ चंद्रशेखर राज के साथ विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थल सांची स्तूप एवं उदयगिरि की गुफाओं का एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण किया। यह भ्रमण उच्च शिक्षा विभाग की विश्व बैंक परियोजना के अंतर्गत अकादमिक उन्नयन योजना के तहत आयोजित किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ श्रीमती कामिनी जैन ने बताया कि इतिहास विभाग द्वारा छात्राओं को शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से जीवंत इतिहास का अनुभव कराया जाना अत्यंत सराहनीय कार्य है। इससे छात्राओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत के महत्त्व को समझने और उसके संरक्षण की प्रेरणा मिलती है। डॉ. जैन ने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इस तरह के भ्रमण छात्राओं में प्राचीन संस्कृति को जीवंत करने माध्यम है। इतिहास विभाग के प्राध्यापकों ने छात्राओं को प्राचीन इतिहास के विभिन्न पक्षों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उदयगिरि में गुप्तकालीन गुफाओं और मूर्तियों के महत्व से अवगत कराया। छात्रा करिश्मा वाघमारे एवं सपना बामने ने बताया कि सांची में सम्राट अशोक के द्वारा निर्मित लगभग 2300 वर्ष पूर्व निर्मित बौद्ध स्तूपों को देखकर तत्कालीन वास्तुकला को समझना एक अद्भुत अनुभव था छात्राओं नेहा पटवा एवं गरिमा ठाकरे ने बताया कि डॉ. रामबाबू मेहर सर द्वारा सांची के स्तूपों के समक्ष स्थापित तोरण द्वारों पर उत्कीर्ण गौतम बुद्ध के जीवन दृश्यों और उनके पूर्व जन्म से संबंधित जातक कथाओं की विस्तृत जानकारी से अवगत कराया। साथ की सांची में स्थित बौद्ध विहार और उसमें मौर्य कालीन वास्तुकला की विस्तृत जानकारी प्राप्त हुई। छात्राओं ने इस भ्रमण से उत्साहित होकर कहा कि इस तरह शैक्षणिक भ्रमण प्रति वर्ष कराये जाना चाहिए।

