टीकमगढ़। जहां एक और गरीब मजदूर और फुटपाथ पर अपनी रोजी-रोटी कमाने वाले लोगों के लिए केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की मोहन सरकार दिन-रात मेहनत कर एक से बढ़कर एक योजनाएं ला रही है और गरीबों एवं मजदूरों व फुटपाथियों के लिए तमाम प्रयास उनके विकास और उनके उत्थान के लिए किए जा रहे हैं वहीं दूसरी और प्रशासनिक अधिकारी सरकार के मंसूबों पर पानी फेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है। ऐसा ही नजरा टीकमगढ़ नगर में 06 अप्रैल 2026 को देखने के लिए मिला जहां फुटपाथ पर ठेला लगाकर अपने परिवारों का भरण पोषण करने वाले गरीब दुकानदारों को जिला प्रशासन ने बुलडोजर से उनके ठेलों को हटवा दिया और तोड़ भी दिए गए जहां बेचारे हाथ ठेला वाले यह छुटपुट दुकानदार आंसू टपकाते हुए और गुहार लगाते हुए नजर आए लेकिन जिला प्रशासन के अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी और उनके ठेलों को हटवा दिया और उनके कुछ ठेले तोड़ भी दिए गए प्रशासन के इस बुलडोजर चलने से कई जनप्रतिनिधि और लोग नाराज हैं जिनका कहना है कि गरीबों के साथ जिला प्रशासन और नगर प्रशासन को ऐसा नहीं करना था अगर उनके ठेला लगने से कोई दिक्कत थी तो पहले उन दुकानदारों को स्थान चिन्हित कर उन्हें व्यवस्थित करना था उसके पश्चात यह कार्यवाही करना थी मगर जिला प्रशासन और नगर प्रशासन के अधिकारियों ने एक नहीं सुनी और उन गरीब दुकानदारों के ठेले हटवा दिए गए जहां गरीबों की रोजी-रोटी पर चले इस प्रशासन के बुलडोजर ने उनके परिवारों को भी संकट में डाल दिया है हकीकत तो यह है कि जहां ट्रैफिक की व्यवस्थाएं खराब होती हैं और रोजाना जाम लगते हैं उन स्थानों पर तो जिला प्रशासन और नगर प्रशासन पहुंचने से भी कतराता है लेकिन इन गरीब मजदूरों की रोजी-रोटी पर बुलडोजर चलाने से जिला प्रशासन और नगर प्रशासन बिल्कुल भी नहीं हिचकिचाया और जाकर सीधी कार्यवाही कर दी। दुकानदारी कर रहे हाथ ठेला गरीब दुकानदारों के ठेले उठवा दिए जबकि नगर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है जहां नगर टीकमगढ़ के बाजार में दिन में लोगों को पैदल चलना भी दूभर हो जाता है उस व्यवस्था पर किसी का कोई ध्यान नहीं है और ना ही इस और कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं क्योंकि बाजार में मुख्य मार्गों और मुख्य चौराहों पर रसूखदारों की दुकानें हैं उन पर जिला प्रशासन नगर प्रशासन कोई भी हाथ नही डालता। जहां कोई गरीब मजदूर अगर अपनी रोजी-रोटी कमाता दिखता है तो जिला प्रशासन उस पर टूट पड़ता है इस प्रकार जिला प्रशासन की कार्यवाही से लोगों में नाराजगी है और कई जनप्रतिनिधि भी नाराज हैं हालाकि इस मामले में प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कड़ा विरोध जताया है जहां वह कार्यवाही के अगले ही दिन 07 अप्रैल 2026 को उसी स्थान पर पोहा जलेबी बैंचतीं हुईं नजर आईं जहां से जिला प्रशासन और नगर प्रशासन ने गरीब फुटपाथियों के ठेले हटवाए थे और उन गरीब परिवार के लोगों को पुनः वही ठेला लगाने का आश्वासन दिया और उन्होंने कहा कि मैं आप लोगों के साथ हूं आप लोगों के ठेला इस स्थान पर ही लगाए जाएंगे अगर पुलिस नहीं सुनेगी तो थानों का भी घेराव किया जाएगा। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से काफी नाराज दिखीं उमा भारती और और अन्य जनप्रतिनिधि एवं अन्य लोग भी इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं कि जिला प्रशासन ने यह ठीक नहीं किया गरीब मजदूर हाथ ठेला वालों के साथ यह व्यवहार जिला प्रशासन को नहीं करना था अगर उन्हें हटाना ही था तो उनके लिए पहले स्थान चिन्हित किया जाता उन्हें व्यवस्थित किया जाता उसके पश्चात यह कार्रवाई होती तो शायद यह उन गरीब हाथ ठेला वाले फुटपाथियों के लिए हितकर होती ।उल्लेखनीय है कि इस कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना था कि सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में नगर की यातायात व्यवस्था सुदृण करने को लेकर मुद्दा उठा था जिसको लेकर यह कार्रवाई की गई है लेकिन अब देखना यह है कि इस मुद्दे को जिला प्रशासन कहां तक ले जाता है या फिर केवल इसी कार्यवाही के बाद कार्रवाई ठंडे बस्ती में जाती है और कहां-कहां किस तरह की कार्रवाई होती है क्या नगर की ट्रैफिक व्यवस्था वास्तव में जिला प्रशासन सुधार पाएगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
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