इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट: ₹3000 करोड़ की लागत से बदलेगी क्षेत्र की सूरत; मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले- “किसान और सरकार के बीच विश्वास की मिसाल” I
भोपाल | शनिवार, 7 मार्च 2026 मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर-उज्जैन के बीच बनने वाले नए ग्रीनफील्ड मार्ग को लेकर एक बड़ा विजन साझा किया है। मुख्यमंत्री निवास पर सांवेर क्षेत्र से आए बड़ी संख्या में नागरिकों और किसानों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट भी उपस्थित रहे।
सफर होगा आधा: 30 मिनट में तय होगी दूरी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 3 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस मार्ग के तैयार होने के बाद इंदौर और उज्जैन के बीच का सफर सवा घंटे से घटकर मात्र 30 मिनट रह जाएगा।
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कनेक्टिविटी: तेज कनेक्टिविटी से न केवल आम जनता को सुविधा होगी, बल्कि उद्योगों और लॉजिस्टिक पार्कों को भी नई गति मिलेगी।
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आर्थिक लाभ: व्यापारियों और किसानों के लिए मंडियों तक पहुँच आसान होगी, जिससे इस पूरे क्षेत्र का व्यापारिक महत्व राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगा।
किसान हित सर्वोपरि: ₹816 करोड़ का मुआवजा
परियोजना की सबसे खास बात किसानों के साथ सरकार का समन्वय रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ने किसानों के सुझावों को प्राथमिकता देते हुए मार्ग निर्माण और उचित मुआवजे की व्यवस्था की है।
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ऐतिहासिक कदम: जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने बताया कि मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता के कारण किसानों को अब 816 करोड़ रुपये से अधिक की मुआवजा राशि वितरित की जाएगी।
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लाभान्वित क्षेत्र: इस मार्ग से इंदौर के 20 और उज्जैन के 6 गांव सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।
सिंहस्थ 2028 के लिए बनेगा आधार
डॉ. यादव ने कहा कि यह मार्ग आगामी सिंहस्थ के लिए भी अत्यंत सुविधाजनक और उपयोगी साबित होगा। उन्होंने इसे इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में “विकास के नए युग का सूत्रपात” बताया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आए हुए सभी नागरिकों को होली और रंगपंचमी की अग्रिम बधाई भी दी।
“सरकार जो कहती है, वह करके दिखाती है। यह परियोजना इस बात का परिचायक है कि किसान का हित हमारे लिए सबसे ऊपर है।” — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
पत्रकार-कुणाल पासवान
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