रणजीत ढाबे पर बदइंतजामी और अभद्रता: खाने में निकला बाल, विरोध करने पर ढाबा मालिक ने दी धमकी I
इटारसी। शहर के नामचीन ढाबों पर ग्राहकों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता और उनके साथ होने वाले व्यवहार पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दिनांक 21 मई 2026 को शहर के प्रतिष्ठित रणजीत ढाबे पर भोजन करने गए युवाओं के एक समूह को न केवल घटिया और दूषित भोजन परोसा गया, बल्कि विरोध करने पर ढाबा मालिक द्वारा उनके साथ जमकर अभद्रता भी की गई।
पहले खराब चटनी, फिर रोटी में निकला बाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रुपेश सिंह चौहान अपने दोस्तों के साथ दोपहर भोज के लिए रणजीत ढाबे पर गए हुए थे। भोजन की शुरुआत में ही उन्हें जो चटनी परोसी गई, वह पूरी तरह से खराब और बेस्वाद थी। युवाओं ने इसे नजरअंदाज कर जब मुख्य भोजन शुरू किया, तो लापरवाही की सारी हदें पार हो गईं। परोसी गई रोटियों में से एक रोटी के भीतर बाल लिपटा हुआ मिला। होटल उद्योग के कड़े नियमों और स्वच्छता के दावों के बीच इस तरह की घोर लापरवाही ने भोजन कर रहे युवाओं को झकझोर कर रख दिया।
पूरा पैसा वसूलने के बाद दी धमकी: “जो बने, वह कर लो”
रोटी में बाल मिलने के बाद रुपेश सिंह चौहान और उनके दोस्तों का पारा चढ़ गया। जब उन्होंने इस गंभीर लापरवाही की शिकायत ढाबा प्रबंधन और मालिक से की, तो ढाबा मालिक ने अपनी गलती मानने या खेद जताने के बजाय बेहद अड़ियल और अभद्र रवैया अख्तियार कर लिया।
पीड़ित युवाओं का आरोप है कि ढाबा मालिक ने उनसे भोजन के पूरे पैसे वसूले और जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई, तो उनके साथ अभद्रता की गई। ढाबा मालिक ने खुलेआम घमंड दिखाते हुए कहा कि, “तुम लोगों से जो बने, वह कर लो।” इस घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों और ग्राहकों में ढाबा प्रबंधन के इस तानाशाही रवैये को लेकर भारी आक्रोश है।
आज का विचार
“पैसे पूरे लेने के बाद भी खाने में गंदगी परोसना और शिकायत करने पर ग्राहकों से अभद्रता करना सरासर गलत है। खाद्य विभाग को ऐसे अहंकारी और लापरवाह ढाबा संचालकों पर तुरंत सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”
रिपोर्ट: पत्रकार कुणाल पासवान

