टीकमगढ़। म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर निर्देेषानुसार एवं प्रधान जिला न्यायाधीश,अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टीकमगढ़ श्री हितेन्द्र सिंह सिसौदिया के मार्गदर्शन में जिला जेल टीकमगढ़ में निरूद्ध बंदियों के हितार्थ विधिक जागरूकता कार्यक्रम मनाया गया गया। कार्यक्रम में श्री विनोद कुमार पाटीदार जिला न्यायाधीष,सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टीकमगढ़ उपस्थित बंदियों को प्लीवारगेंनिग के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्लीवारगेनिंग के तहत जिस अपराध में सजा 7 साल से कम है, उसमे यदि वह अपना अपराध स्वीकार कर लेता है तो उसकी सजा में नियमानुसार न्यायालय द्वारा छूट दी जाती है। भारतीय संविधान के तहत बंदियों को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार है। बंदियों को जेल में पर्याप्त अवसर चिंतन एवं आत्मध्यान करने का मिलता है बंदी तभी आनंदित जीवन जी सकता है तब खुद अपनी सोच को बदले। इसके साथ ही मानवाधिकार के संबंध में विस्तृत जानकारी दी एवं बताया कि सरल शब्दों में कहें तो मानवाधिकारों का आषय ऐसे अधिकारों से है जो जाति, लिंग, राष्ट्रीयता, भाषा, धर्म या किसी अन्य आधार पर भेदभाव किये बिना सभी को प्राप्त होते है। मानवाधिकारों में मुख्यतः जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार, गुलामी और यातना से मुक्ति का अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार तथा काम एवं षिक्षा का अधिकार आदि शामिल है। कार्यक्रम का संचालन श्री सियाराम यादव जेल षिक्षक द्वारा एवं अधीक्षक प्रतीक जैन द्वारा कार्यक्रम का आभार प्रकट किया गया। इस अवसर पर विधिक सहायक श्री कैलाष नारायण मिश्रा, जेल स्टाप एवं बंदीगण उपस्थित रहे।

