बबलू निरापुरे आमला। आमला. सेंट थॉमस स्कूल कोई न कोई विवादों में रहा है। अब नया विवाद सामने आया है। स्कूल प्रबंधन ने छात्र-छात्राओं के माथे पर लगे सिंदूरी तिलक और हाथों के बंधे कलावा को हटवा दिया। जिससे बवाल मच गया। दरअसल कुछ बच्चे तिलक लगाकर स्कूल आये थे, तो कुछ बच्चों के हाथो में कलावा (रक्षासूत्र) बंधे थे। जिस पर स्कूल प्रबंधन ने एतराज जताते हुए उन्हें हटवा दिये और मस्तक पर तिलक लगाकर, हाथो में रक्षासूत्र बांधकर आने के लिए मनाही की। जैसे ही इसकी सूचना अभिभावकों और हिन्दू संगठनों को लगी, सभी लोग स्कूल पहुंच गये और जमकर नारेबाजी कर विरोध किया। सूचना मिलते ही बीआरसीसी अधिकारी और पुलिस भी मौके पर पहुंची और विवाद को शांत कराया। हालांकि बीआरसीसी और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्कूल प्राचार्य जीनू प्रकाश थॉमस ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में इस तरह की पुर्नवृत्ति नहीं होने का लिखित पत्र दिया। जिसमें यह भी स्पष्ट किया गया कि संस्था में अध्ययनरत छात्रों के हाथो एवं मस्तक पर टीका लगाकर आने पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। जिसके बाद मामला शांत हुआ।

हिन्दू संगठनों और अभिभावकों ने जमकर किया विरोध ….
स्कूल प्रबंधन की हठधर्मिता को लेकर जहां अभिभावकों ने नाराजगी जताई, वहीं विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं और छात्रा प्रमुख मुक्ता ढोलेकर ने जमकर विरोध किया। सेंट थॉमस स्कूल पहुंचकर सभी ने प्रबंधन के इस रवैये को लेकर नारेबाजी की। हिन्दू संगठनों का कहना था कि हिन्दू धर्म में पूजा करने के बाद मस्तक पर तिलक एवं हाथ में कलावा (रक्षासूत्र) बांधने की परंपरा है। हिन्दूओं की इस परंपरा का स्कूल प्रबंधन द्वारा आलोचना करना या मस्तक से तिलक, हाथो से रक्षासूत्र हटवाना कतई ठीक नहीं है। जिसके लिए स्कूल प्रबंधन को माफी मांगनी चाहिए।
जांच करने पहुंची बीआरसीसी और पुलिस …….
बीआरसीसी अधिकारी ने बताया कि हमारे पास शिकायत आई थी। शिकायत के तत्काल बाद जांच के लिए स्कूल पहुंचे थे, जहां स्कूल प्राचार्य से चर्चा कर जानकारी हासिल की। वहीं स्थिति को देखते हुए पुलिस भी स्कूल पहुंच गई थी। इस दौरान स्कूल प्राचार्य ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखित में प्रमाणीकरण प्रस्तुत किया है और भविष्य में इस तरह की त्रृटि की पुर्नावृत्ति नहीं होने का आश्वासन दिया है। बीआरसीसी अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले की और जांच की जायेगी।
इनका कहना है –
(1) जो बच्चे तीन अंगुलियों का टीका लगाकर आते थे, उन्हें मना किया गया था। टीका लगाये, इस पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। – जीनू प्रकाश थॉमस, प्राचार्य, सेंट थॉमस हायर सेकेंडरी स्कूल आमला।
(2) जांच करने पर पता चला है कि यह समस्या थी। इसका निराकरण भी कर दिया है। स्कूल प्रबंधन को चेतावनी भी दी है। उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया है। – मनीष धोटे, बीआरसीसी स्त्रोत समन्वयक, आमला।
