5200 से अधिक पेसा मोबिलाइज़र परिवारों की रोजी-रोटी का संकट: 18 अगस्त से भोपाल में होगा महाआंदोलन I
इटारसी | कुणाल की कलम
मध्य प्रदेश में पेसा मोबिलाइज़र (Pesa Mobilizer) अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। 5200 से अधिक परिवारों के भविष्य और सम्मानजनक मानदेय की बहाली को लेकर आगामी 18 अगस्त 2026 से भोपाल में प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल और महाआंदोलन का बिगुल फूँक दिया गया है।
आदिवासी नेता उमंग सिंघार से समर्थन की अपील
आंदोलन की रणनीति को धार देने के लिए अब पेसा मोबिलाइज़र संगठित हो रहे हैं। सेंधवा ब्लॉक अध्यक्ष रायमल बरड़े ने स्पष्ट किया है कि यह लड़ाई किसी दल विशेष के पक्ष या विपक्ष की नहीं, बल्कि हज़ारों परिवारों की जीविका और स्वाभिमान की है।
इसी कड़ी में, ब्लॉक अध्यक्ष रायमल बरड़े ने नेता प्रतिपक्ष और आदिवासी समाज के वरिष्ठ नेता श्री उमंग सिंघार से मुलाकात कर इस महाआंदोलन को अपना पूर्ण नैतिक और राजनीतिक समर्थन देने की पुरजोर अपील की है। इसके साथ ही, अन्य सभी सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों से भी इस मुद्दे पर एकजुट होकर खड़े होने का आह्वान किया गया है।
प्रमुख माँगें:
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बहाली: हटाए गए सभी पेसा मोबिलाइज़र्स की तत्काल प्रभाव से सेवा बहाली।
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सम्मानजनक मानदेय: महंगाई के दौर में काम के अनुरूप उचित मानदेय का निर्धारण।
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रोजगार सुरक्षा: 5200 से अधिक परिवारों के भविष्य को सुरक्षित करने हेतु स्थायी नीति।
आज का विचार
“अधिकार माँगना भीख नहीं, हमारा हक़ है। जब हज़ारों परिवारों के भविष्य पर संकट हो, तो एकजुट होकर संघर्ष करना ही एकमात्र विकल्प बचता है। न्याय की यह लड़ाई हर उस व्यक्ति की है जो समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के सम्मान में विश्वास रखता है।”
–पत्रकार कुणाल पासवान, इटारसी

