सीवनी मालवा,,,,,
डॉक्टर भीमराव अंबेडकर एकता संगठन ने सिवनी मालवा में निकाली विशाल रैली

संवाददाता अरुण कश्यप
सीवनी मालवा
सिवनी मालवा डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती पर डॉ भीमराव अंबेडकर एकता संगठन के द्वारा विशाल रैली का आयोजन किया गया ब्लॉक अध्यक्ष करण धनवा रे ने जानकारी देते हुए बताया कि यह रैली ग्राम पगठाल से होते हुए सिवनी मालवा शहर एवं बानापुरा रेलवे ओवर ब्रिज पर समापन हुआ रैली में भीमराव अंबेडकर के समस्त समर्थक एवं समाचार युवाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया एवं पदयात्रा निकालकर जयंती मनाई गई एवं भीमराव अंबेडकर साहब के नारे भी लगाए गए एवं भीमराव अंबेडकर ने कई महत्वपूर्ण एवं विशेष कार्य को किया है भीमराव अंबेडकर ने समाज के हित में एवं समाज की कृतियों की लड़ाइयां लड़ी है एवं संविधान को रचा है भीमराव अंबेडकर एक समाज सुधारक के नाम से भी जाने जाते हैं भीमराव अंबेडकर जी को भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया है एवं आज पूरे देश में भीमराव अंबेडकर जी की जयंती मनाई जा रही है एवं भीमराव अंबेडकर जी की फोटो एवं प्रतिमाओं पर पुष्प माला पहनाकर उनकी जयंती पूरे देश में मनाई जा रही है इसी के अंतर्गत भीमराव अंबेडकर एकता संगठन ने भी विशाल रैली का आयोजन किया एवं रैली निकाली गई भीमराव अंबेडकर ने उन्होंने दलित बौद्ध आंदोलन को प्रेरित किया और
अछूतों (दलितों) से सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया था। श्रमिकों, किसानों और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन भी किया था। वे स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि एवं न्याय मन्त्री, भारतीय संविधान के जनक एवं भारत गणराज्य के निर्माताओं में से एक थे।
अपने विचार अछूतों तक ठीक से पहुंचाने के लिए वर्ष 1927 में मराठी भाषा में पाक्षिक पत्र बहिष्कृत
भारत भी प्रारंभ किया। एक बार तो उन्होंने इसके संपादकीय में यहां तक लिख दिया था कि यदि लोकमान्य तिलक अछूत होते तो स्वराज्य हमारा
जन्मसिद्ध अधिकार है के स्थान पर वे यह नारा लगतो अस्पृश्यता नरष्ट करना हमारा कर्तव्य है।
डॉ. अम्बेडकर मुम्बई विधान परिषद के वर्ष 1927 में नामजद सदस्य बन गये। अब वे दलित वर्ग के दुख दर्द आसानी से सरकार के सामने रख सकते थे, इसलिए उन्होंने वर्ष 1923 में विधान परिषद द्वारा पारित एसके बोले के प्रस्ताव अछूतों को उन सभी सार्वजनिक स्थलों, कुओं तथा धर्मशालाओं के प्रयोगकी अनुमति होगी जिनका निर्माण तथा रखरखाव सरकारी धनराशि से किया जाता है। उन्हें स्कूल, न्यायालय, सरकारी कार्यालयों तथा दवाखानों के उपयोग की भी अनुमति होगी, जो अभी तक मात्र कागजों में ही था कि क्रियान्विति पर जोर दिया।
आज छुआछूत जैसी कुर्तियों को दूर करने में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर बाबा साहब का महत्वपूर्ण योगदान है
सिवनी मालवा से अरुण कश्यप की खास खबर
