नर्मदा महाविद्यालय में जन-अभियान परिषद का सत्रारंभ: संतोष व्यास जी ने नवागत विद्यार्थियों को दिया सफलता व समाज सेवा का मंत्र I
नर्मदापुरम। स्थानीय नर्मदा महाविद्यालय परिसर में मध्य प्रदेश जनअभियान परिषद के नवीन शैक्षणिक सत्र का गरिमामय वातावरण में शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित संतोष व्यास जी ने नवागत विद्यार्थियों से सीधा संवाद स्थापित कर उनका मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात परामर्शदाताओं ने नए विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया।
समाज निर्माण में युवाओं की भूमिका पर जोर संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परिषद की जिला समन्वयक श्रीमती कोकिला चतुर्वेदी जी ने कहा कि जनअभियान परिषद केवल एक शैक्षणिक माध्यम नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के भीतर सामाजिक उत्तरदायित्व, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण की भावना को जागृत करने का सशक्त मंच है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षा का उपयोग केवल व्यक्तिगत लाभ के लिए न कर, समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान में योगदान दें।
कला और रंगों से उकेरा सेवा संकल्प सत्रारंभ के इस अवसर पर नवागत छात्रों में खासा उत्साह देखा गया। विद्यार्थियों ने संवाद सत्र में अपने विचार साझा किए और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान पाया। सेवा संकल्प अभियान के तहत कक्षा में उपस्थित छात्र-छात्राओं ने सुंदर चित्रकला एवं रंगोली के माध्यम से सरकार की जनहितैषी योजनाओं और अभियानों को रचनात्मक रूप से प्रदर्शित किया।
अतिथियों का जताया आभार कार्यक्रम के अंत में परिषद के पदाधिकारियों ने उपस्थित अतिथियों—श्री संतोष व्यास जी, श्री विनोद मुदगल जी, श्री संतोष सिंह जी, श्री प्रमोद बाना जी, सुमन वर्मा जी, श्री राजेन्द्र जी एवं सभी विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर जनअभियान परिषद की जिला समन्वयक श्रीमती कोकिला चतुर्वेदी, परामर्शदाता श्री नीरज चतुर्वेदी, श्रीमती नेहा शर्मा, राजेन्द्र कुशवाह, मनीष यादव, राजेश मालवीय सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
आज का विचार:
“शिक्षा का वास्तविक अर्थ केवल ज्ञान अर्जन करना नहीं,
बल्कि उस ज्ञान के माध्यम से समाज और राष्ट्र के उत्थान में अपना निस्वार्थ योगदान देना है।”
रिपोर्टर: पत्रकार कुणाल पासवान (इटारसी)

