राजस्व अधिकारी विधवा का अतिक्रमण हटाने से परहेज कर रहा,,,,,,विधवा को करीब 25 सालों की लंबी लड़ाई के बाद न्याय नहीं मिला

शहर के दबंगों का कारनामा: 25 एकड़ का मालिका होने के बाद राजीव गांधी आश्रय योजना में जारी करवा लिया पट्टा
निजी जमीन पर पट्टा लेकर किया अतिक्रमण, आदेश के बाद भी राजस्व विभाग नहीं हटा रहा अतिक्रमण
संवाददाता अरुण कश्यप
नर्मदा पुरम
नर्मदापुरम। राजस्व विभाग में पदस्थ बाबू और अफसरों की कार्य प्रणाली शुरू से ही विवादित रही है। किसी की जमीन किसी में नाम पर कर देना, सालों से जमें अतिक्रमणों को न हटाना सहित कई मामले सामने आये हैं, जिसमें जांच के बाद विभागी की गड़बड़ी भी उजागर हुई, लेकिन कार्यवाही आज तक नहीं हो सकी। ऐसा ही एक नया मामला सामने आया है, जहां एक विधवा की महज 200 वर्गफुट जमीन पर दबंग सालों से कब्जा जमाये बैठे हैं और तो और विधवा की जमीन पर वर्ष 1998 में दबगों ने बकायदा अपने नाम पट्टा भी जारी कराया लिया, लेकिन 25 साल की तमाम कानूनी लड़ाई लडऩे के बाद न्यायालय ने माना है कि उक्त जमीन विधवा की है, कोर्ट ने उक्त जमीन का पट्टा निरस्त करते हुए अतिक्रमण हटाने के आदेश भी पारित कर दिये हैं, लेकिन राजस्व विभाग अतिक्रमण हटाने में अभी ाी नाकाम साबित हो रहा है।
जानकारी के अनुसार श्रीमती कृष्णाबाई मुद्गल निवासी गांधी पार्क के पति स्व. भैयालाल ने अपने हक और हिस्से की नजूल शीट नंबर 20/9 भूखंड क्रमांक 95/1 में 216 वर्गफिट जमीन खाली पड़ी होने के कारण 30 वर्ष पूर्व श्रीमती मंदाकिनी ठाकुर आ. स्व. प्रेमसिंह ठाकुर निवासी वार्ड नंबर 6 को उपयोग हेतु मौखिक तौर पर कार पार्किंग के लिये दे दी गई थी। जबकि राजस्व दस्तावेजों में उक्त जमीन श्री राय के नाम पर दर्ज चली आ रही है। भैयालाल राय का निधन होने के बाद राजस्व दस्तावेजों में श्रीकृष्णाबाई मुद्गल का नाम दर्ज होकर वर्तमान तक चला आ रहा है। इसी दौरान श्रीमती मंदाकिनी ठाकुर ने वर्ष 1998 में नियम विरुद्ध तरीके से राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत उक्त जमीन का पट्टा ले लिया और उक्त प्लाट पर टीन शेड कराकर अतिक्रमण कर लिया। इस मामले में कृष्णाबाई ने अपनी जमीन स्वयं के उपयोग के लिये वापिस लेने की कोशिश की तो मंदाकिनी एवं उनके दबंग परिजनों ने खुद को जमीन का मालिक बताकर कृष्णाबाई को प्लाट देने से मना कर दिया, जिस पर कृष्णाबाई ने राजस्व न्यायालय की शरण ली। प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में वर्ष 2015 में दर्ज किया गया और मामले की सुनवाई की गई। माननीय न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर नजूल अधिकारी से जांच प्रतिवेदन लिया गया। जिसमें नजूल अधिकारी ने 11.12.2017 में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। जिस पर न्यायालय ने प्रकरण में 29.07.2019 को आदेश पारित किया किया कि मंदाकिनी ठाकुर के नाम ग्राम मांगरोल में 7.299 हेक्टेयर भूमि सहखातेदार के साथ राजस्व अभिलेखों में दर्ज होना पाई गई है। मंदाकिनी ठाकुर पारिवारिक पैतृक भूमि होने से यह सिद्ध हुआ कि वह भूमिहीन नहीं है एवं अनावेदिका ने सही तथ्य छिपाकर शासन से नगर की 216 वर्गफिट का मप्र नगरीय क्षेत्र के भूमिहीन व्यक्ति अधिनियम 1984 व संशोधन नियम 1998 के तहत पट्टा प्राप्त किया है। जिस पर न्यायालय द्वारा नजूल अधिकारी द्वारा नजूल पंजी क्रमांक 284 में पारित ओदश दिनांक 25.07.1998 के तहत प्रदाय किया गया पट्टा नियम विरुद्ध होने से निरस्त किया जाने के आदेश पारित कर दिये। जिस पर मंदाकिनी ठाकुर ने कलेक्टर के आदेश के विरुद्ध अपर आयुक्त न्यायालय के समक्ष अपील प्रस्तुत की, जिस पर न्यायालय अपर आयुक्त के प्र.क्र. 194/ अपील/ अ या/ 2018-19 में दिनांक 12.12.2019 को आदेश पारित करते हुए अपील आंशिक रूप से स्वीकार कर अपीलार्थी को सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए वापिस कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत कर दिया। प्रकरण प्राप्त होने पर पुन: नजूल अधिकारी से जांच कराई गई। नजूल अधिकारी द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन को सही पाते हुए न्यायालय कलेक्टर द्वारा प्र.क्र. 0012/ बी-121/ 2015-16 में दिनांक 13.03.2023 को पट्टा निरस्त करने के आदेश पारित करते किये है। इसके साथ ही न्यायालय नजूल अधिकारी द्वारा 31.03.2023 को तहसीलदार को आदेश का पालन किये जाने के आदेश जारी किये हैं। लेकिन राजस्व विभाग द्वारा अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है।
जबकि कब्जाधारी करीब 25 एकड़ कृषि भूमि की स्वामी है, इसके बावजूद नियम विरुद्ध तरीके से राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत निजी भूमि पर पट्टा लिया और आज भी अतिक्रमणकारी की श्रेणी में हैं। जबकि प्रशानिक स्तर पर मंदाकिनी ठाकुर पर विधि स मत कार्यवाही की जाना चाहिये। लेकिन राजस्व अधिकारी विधवा का अतिक्रमण हटाने से परहेज कर रहे हैं। जबकि विधवा को करीब 25 सालों की लंबी लड़ाई के बाद न्याय मिला है और उसकी जमीन उसे मिल सकी है, लेकिन राजस्व विभाग अतिक्रमण हटाने की कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है।
नर्मदा पुरम से अरुण कश्यप की खास खबर
