इटारसी : आज की द यंग स्टोरी में बताया जा रहा हैं कि कमाई का जरिया ऐसा परिवर्तित हो रहा है कि अब हमें कमाई का ऐसा रूप देखने को मिल रहा हैं जो हमें हमारी आत्मा को झकझोर देगा और मानवता को तार-तार कर देगा । जी हाँ आज हम नर्मदा समय में बात कर रहे नवयुवकों की होनेवाली ट्रैपिंग पर जो आजकल बहुतायत में रेप केस में फंसाने का नया व्यवसाय प्रारंभ कर चुकी हैं
सोशल मीडिया सबसे बड़ा प्लेटफार्म
इन वारदातों करने के लिए ट्रैपर सोशल मीडिया को सर्वाधिक प्रयोग में लाते हैं । फेसबुक मैसेंजर, इंस्टाग्राम चैटिंग, व्हाट्सएप चैटिंग, डेटिंग एप, नॉन सिक्योर वेबसाइट, वीडियो कॉलिंग के माध्यम से यह अपना शिकार ढूंढते है।
युवकों की ट्रैपिंग के तीन नए प्रकार
1. सोशल मीडिया ऐप के माध्यम से ऑनलाइन वीडियो कॉलिंग करके अपने को नग्न दिखाकर उसका स्क्रीन वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करना ।
2. ऑनलाइन वीडियो चैटिंग करके युवक का नंबर प्राप्त करके उससे डेटिंग कर, संबंध बनाकर उसकी वीडियोग्राफी करके ब्लैकमेल करना ।
3. कैफ़े एवं होटल के माध्यम से युवकों पर षड्यंत्र रचना, सोची-समझी पहले से रची हुई साजिश।
ऑनलाइन वीडियो चैट ब्लैक मेलिंग को देश के बड़े शहरों के अपराधिक ग्रुप संचालित करते हैं । उनके पास नकली पुलिस अधिकारी के रूप में बहरूपिये होते हैं जो युवक की पुलिस शिकायत करने का काल करने का झूठा दबाव बनाते रहते हैं जब तक पैसा न मिल जाये ।
युवकों की ट्रैपिंग का षड्यंत्र कैसे किया जाता
यह बहुत ही शातिर, क्रिमिनल बैकग्राउंड के लोगों एवं तजुर्बेकार, कानून के जानकारी के द्वारा किया जाता है। पुलिस के समक्ष यह अपनी बात रखने में यह काफी हिम्मत वाले और माहिर होते हैं। उन्हें किसी प्रकार का कोई खौफ नहीं होता।
उनके लिए एक युवती एक केस बनाने में उपयोग में लाते हैं जिसका 3 साल तक उसका उपयोग दूसरी अन्य जगह नहीं करते । इस प्रकार की युवती वेश्यावृत्ति मैं लिप्त अथवा बिगड़ैल चरित्र की होती हैं जिन्हें अच्छे पैसे का प्रलोभन देकर ट्रैपिंग के लिए तैयार किया जाता है । युवती एक स्क्रिप्टेड स्टोरी में सोसाइट बम की तरह कार्य करती है, वह युवक की गलती का इंतजार करके गोपनीय तरीके से ऑब्जेक्ट का अतरंग वीडियो बनाना, अतरंग बातों की वॉइस कॉल को एकत्रित करना अन्य साक्ष्यों को महीनों एकत्रित करके रखती है जिसका सही समय आने पर उपयोग कर सकें।
ब्लैकमेलिंग का पहला चरण
इस चरण में युवती को लेकर उसके नकली रिश्तेदार युवक के घर पर जाकर परिवार वालों को युवक की करतूत बता वीडियो दिखाकर उन पर लाखों रुपये देने का दबाव बनाते ।
ब्लैकमेलिंग का दूसरा चरण
परिवार वालों को पैसे देने से इनकार करने पर थाने जाकर रेप केस बनाकर फसाया जाता है फिर भी उनकी वसूली कोर्ट केस चलने तक जारी रहती हैं । उनको यह मालूम रहता है कि उनका शिकार बुरी तरह फस चुका है और उन्हें पैसे देकर ही समझौता करके ही वह सजा से बच सकता है ।
रेप केस दर्ज करने से पहले पुलिस को चाहिए कि वह इस केस की सच्चाई एवं गहराई तक जाए एवं तफतीश में निम्न कदम उठाना आवश्यक है :-
1. सर्वप्रथम जो युवती केस दर्ज करवाने आयी है उसके आधार कार्ड या प्रस्तुत परिचय पत्र की सत्यता का प्रमाणीकरण एवं उसके पूर्व के आपराधिक रिकॉर्ड को पता करना जरूरी हैं ।
2. युवती के 1 साल का कॉल डिटेल एवं सोशल मीडिया चैटिंग को निकाला जाना आवश्यक हैं ।
3. युवती के बैंक खाते का विगत 3 सालों का ट्रांजैक्शन एवं ऑनलाइन पेमेंट का ब्यौरा प्राप्त करना जरूरी हैं ।
4 . युवती के परिवार के बयान को शामिल कर उनके परिवार के हर सदस्यों का प्रमाणीकरण आवश्यक है।
5. युवती के निवास का प्रमाणीकरण बेहद आवश्यक है ।
नर्मदा समय द्वारा प्रस्तुत की गई द यंग इटारसी स्टोरी वास्तविकता पर आधारित है ।


