टीकमगढ़। रेलवे स्टेशन पर दो दिन पहले लिफ्ट में यात्रियों के फंसने और अचानक नीचे धंसने की घटना की जांच पूरी हो गई है। ललितपुर से आए रेलवे के वरिष्ठ खंड अभियंता (इलेक्ट्रिकल) ने लगातार दो दिन तक लिफ्ट की तकनीकी जांच की। जांच में सामने आया कि लिफ्ट में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे। ओवरलोडिंग के कारण सेंसर ठीक से काम नहीं कर सका, जिससे लिफ्ट ऊपर उठने के बजाय कुछ ऊंचाई पर जाने के बाद नीचे धंस गई। घटना के समय लिफ्ट में मौजूद यात्री घबरा गए थे।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन पर प्लेटफॉर्म क्रमांक-एक और दो के बीच यात्रियों की आवाजाही के लिए लगाई गई लिफ्ट की क्षमता 13 लोगों या कुल 884 किलोग्राम वजन उठाने की है। घटना के दौरान यात्रियों के साथ भारी मात्रा में सामान भी मौजूद था। इससे लिफ्ट पर निर्धारित क्षमता से अधिक भार पड़ने की आशंका सामने आई है।
सुरक्षा जांच के बाद चालू की लिफ्ट
घटना के बाद रेलवे ने लिफ्ट की तकनीकी खामियों की जांच कराई। आवश्यक सुधार और सुरक्षा मानकों की जांच के बाद गुरुवार को लिफ्ट को दोबारा शुरू कर दिया गया। अब लिफ्ट में एक कर्मचारी तैनात किया गया है, जो यात्रियों की संख्या और उनके सामान पर नजर रख रहा है। निर्धारित क्षमता के अनुसार ही यात्रियों को लिफ्ट से प्लेटफॉर्म के बीच आने-जाने दिया जा रहा है।
क्षमता से अधिक भार से बचाने की व्यवस्था
रेलवे स्टेशन पर लिफ्ट की सुविधा शुरू होने से यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने में सहूलियत मिलती है। खासकर बुजुर्गों, दिव्यांगों और भारी सामान लेकर चलने वाले यात्रियों के लिए यह उपयोगी है। हालांकि, हालिया घटना के बाद लिफ्ट के सुरक्षित संचालन और निर्धारित क्षमता का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति न बने।
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