डगर बाड़ी एवं सब्जी बाड़ी विधवा महिलाओं पर जीवन यापन का संकट गहराया,, गहने गिरवी रख कर करते थे बाड़ी,,,

संवाददाता अरुण कश्यप
सिवनी सिवनी
सिवनी मालवा क्षेत्र कृषि प्रधान क्षेत्र है, विगत दिनों अतिवर्षा के कारण डंगर बाड़ी व सब्जी बाडी में किसानों को भारी
नुकसान हुआ है जिसके लिए पूर्व में भी शासन को सूचित किया गया और मुआवजे की मांग की गई थी। डंगर बाड़ी एवं सब्जी बाड़ी बाली किसान महिलाओं ने जानकारी देते हुए एवं जानकारी जब दे रही थी तब उनके दर्द के आंसू नहीं थम रहे थे उन्होंने रोते-रोते अपनी पूरी दुख भरी एवं दर्द भरी कहानी को बताया कि किस प्रकार व है डगर बाड़ी सब्जी बाड़ी को लगाते हैं उन्होंने बताया कि हमने अपना पूरा पैसा बाड़ी में लगा दिया है एवं अपने गहने एवं पूरी पूंजी को लगा दिया है लेकिन ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से हमारी पूरी बाड़ी नष्ट हो चुकी है और अब हमारे पास में खाने-पीने एवं अपने बच्चों को भरण पोषण करने के लिए भी पैसे नहीं है हमारा कोई भी सहारा नहीं है कुछ महिला तो विधवा है जिनका आगे पीछे कोई भी सहारा नहीं है और उनके नाती पहुंचे भी उनके पास रहते हैं जिनके लिए आप जीवन यापन करने का संकट उनके सामने आ गया है उन्होंने अपने गहने एवं बचत पूंजी को पूरी सब्जी भाजी एवं डगर वाडी लगाने में लगा दिया था लेकिन अतिवृष्टि और ओलावृष्टि ने उनकी सारी वाणी को नष्ट कर दिया है अब उनके सामने जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है शासन प्रशासन से वह मांग कर रहे हैं कि उनके लिए उचित कदम उठाते हुए उन्हें मुआवजे की राशि दी जाए रोते-रोते एवं आंसू बहाते हुए तहसील कार्यालय में घड़ी महिलाओं ने अपने इस दर्द को बताया उन्होंने कहा कि हम अपने बच्चे एवं नाती पोतियो को भूखे बिलखते रोते हुए नहीं देख सकते इसीलिए आज हम तहसील कार्यालय में आऐ हैं कि शासन-प्रशासन हमारी मदद करें ओलावृष्टि से हुए नुकसान और अतिवर्षा से गंजाल और मोरन नदी में पानी बढ़ गया था जिसके कारण उसमें लगी सब्जी बाड़ी पूरी तरह
नष्ट हो गई, जिसका मुआवजा प्रत्येक किसान को 40000/प्रति एकड़ जल्द दिया जावे। प्रत्येक सब्जी बाड़ी के किसानों का पट्टा 15 दिनों के अंदर बनाकर उन्हें दिया जावे। ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को 15000/एकड़ का मुआवजा दिया जावे।
