आषाढ़ अमावस्या श्रद्धालुओं ने नर्मदा नदी में आस्था की डुबकी लगाई।
मां नर्मदा के दर्शन मात्र से इंसान के सभी पाप नष्ट हो जाते है।

संवाददाता अरुण कश्यप
सीवनी मालवा
सीवनी मालवा,,,आषाढ़ अमावस्या पर सिवनी मालवा तहसील के सभी मां नर्मदा के तट पर रविवार सुबह से ही श्रद्धालुओं ने नर्मदा नदी में आस्था की डुबकी लगाई। उन्होंने मंदिरों में पूजा–अर्चना कर गरीबों को अन्न, वस्त्र आदि का दान
किया।रविवार को आषाढ़ अमावस्या पर प्रसिद्द नर्मदा तट
बाबरी घाट, आवली घाट, भिलाडिया घाट सहित अन्य
घाटों पर शनिवार देर शाम से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। रविवार अलसुबह उन्होंने नर्मदे हर के जयकारों के साथ नर्मदा स्नान शुरू किया। उन्होंने
मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना के साथ ही जगह-जगह भंडारों का भी आयोजन कर पुण्यलाभ अर्जित किया।लोगों को मानना है कि गंगा में स्नान करने से उनके
सभी पाप समाप्त हो जाते हैं, लेकिन मां नर्मदा के दर्शन मात्र से इंसान के सभी पाप नष्ट हो जाते है।
क्या है आषाढ़ अमावस्या का महत्व
आषाढ अमावस्या के दिन पितरों की शांति के लिए किए जाने वाला तर्पण बहुत पुण्यकारी माना जाता है। आषाढ अमावस्या के दिन नर्मदा स्नान करने का भी विशेष महत्व है, इससे शरीर की शुद्धि और आत्मिक उन्नति होती है। आषाढ़ अमावस्या पर धार्मिक दान करना भी शुभ माना जात है। विद्या दान, अन्न दान और वस्त्र दान जैसे कई प्रक के दान आषाढ़ अमावस्या पर किए जाते हैं। आज के दिन भंडारा, प्रवचन, भजन-कीर्तन और कई धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है।
सीवनी मालवा से अरुण कश्यप की खास खबर
