बानापुरा,,,,,डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि मनाई गई कार्यों एवं बलिदानों को याद किया गया
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संवाददाता अरुण कश्यप
सीवनी मालवा
सिवनी मालवा की उपनगरी बानापुरा में डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क में बीजेपी विधायक प्रेम शंकर वर्मा नगर पालिका अध्यक्ष रितेश जैन बीजेपी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क में इकट्ठा होकर पुण्यतिथि मनाई गई इस अवसर पर विधायक प्रेम शंकर वर्मा एवं नपा अध्यक्ष रितेश जैन ने डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के कार्यों एवं उनके दिए हुए बलिदान को याद करते हुए अपने वक्तव्य में कहा की श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदानों को पूरा देश नहीं भूल सकता एवं उनके कार्यों को नहीं भूल सकता है उन्होंने कश्मीर के लिए एवं पूरे भारत के लिए जो लड़ाई लड़ी है उनके इस बलिदान को नमन करते हुए उनके हर एक कार्यों को याद कर के पुण्यतिथि मनाई गई डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी देश की ऐसी शख्सियत रह चुके हैं, जिन्होंने भारतीय जन संघ पार्टी की नीव रखी. ये भारत की आजादी के समय के राजनेता, शिक्षा शास्त्री और एक क्रांतिकारी थे. ये एक निडर और स्पष्ट भारतीय राजनेता थे जोकि अपने विचारों के कारण बहुत लोकप्रिय थे, और सच्चाई को मानते थे. शुरुआत में इन्होंने भारत के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु जी की कैबिनेट में उद्योग एवं सप्लाई मंत्री के रूप में कार्य किया था. फिर बाद में उन्होंने कांग्रेस को छोड़कर खुद की बीजेएस पार्टी का गठन किया.मुखर्जी जी जम्मू-कश्मीर की स्थिति अच्छी नहीं होने कारण काफी परेशान थे. उस समय एक नियम लागू किया गया था कि बिना प्रधानमंत्री की अनुमति कोई भी व्यक्ति जम्मू-कश्मीर में प्रवेश नहीं कर सकता फिर चाहे वह देश के राष्ट्रपति ही क्यों न हो. किन्तु वे इस नियम का विरोध करते हुए सन 1953 में वे कश्मीर गये. वहां की स्थिति भारत के अन्य राज्यों से बिलकुल अलग थी. उस समय वहां के मुख्यमंत्री सादर-ए-रियासत थे. मुखर्जी जी ने वहां एक बहुत बड़ी सभा को संबोधित किया, और कश्मीर के लोगों को आश्वासन दिया कि जम्मू-कश्मीर में भी वही संविधान लागू होगा जो भारत के अन्य राज्यों में होता है. उन्होंने यह कहा कि ‘मैं ऐसा करके रहूँगा या इसके लिए अपना जीवन दे दूंगा”.
मृत्यु (Death)
राज्य के अधिकारियों की अनुमति के बिना सीमा पार करने के कारण उन्हें 11 मई 1953 को हिरासत में ले लिया गया. कहा जाता है कि उन्हें पुलिस कर्मियों द्वारा एक कॉटेज में रखा गया था, जहाँ 22 जून को उनका स्वास्थ्य ख़राब हुआ और उन्हें तुरंत ही अस्पताल ले जाया गया. किन्तु अगले ही दिन 23 जून को वे स्वर्गवासी हो गए. कुछ लोगों का कहना है कि उनकी मृत्यु के पीछे कोई गहरी साजिश है, इसलिए इनकी मृत्यु की कहानी अभी भी रहस्य बनी हुई है.
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक प्रेम शंकर वर्मा नापा अध्यक्ष रितेश जैन उपाध्यक्ष शैलेंद्र गौर वार्ड पार्षद सरिता अग्रवाल प्रदीप अग्रवाल दीपक बाथव पप्पू सहरोत दीदार सिंह सलूजा अभिषेक शर्मा किरण बाथम वीरू मिश्रा प्रवीण अवस्थी संतोष पारीक खेमचंद चौकसे रघुवीर राजपूत शिव राठौर रोहित कुचबंधिया आदि पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे
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