नर्मदा समय न्यूज नर्मदा पुरम से प्रवीण गौर की ख़ास रिपोर्ट:,आज नर्मदापुरम जिले की इटारसी तहसील के गांव रानीपुर में तवा नदी पर निर्मित नर्मदांचल क्षेत्र की कृषि का मुख्य आधार ‘तवा बांध’ से शुभ मुहूर्त में ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की सिंचाई हेतु बांध की बांयी तट मुख्य नहर में नहर के गेट पर पूजन करके पानी छोड़ा गया
। इस अवसर पर जलसंसाधन विभाग तवा परियोजना के कार्यपालन यंत्री श्री वीरेन्द्र जैन, तवा बांध प्रभारी उपयंत्री श्री एन के सूर्यवंशी, उपयंत्री श्री वासु साहु और भारतीय किसान यूनियन टिकैत मध्यप्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री गुर्जर संतोष पटवारे, भारतीय किसान यूनियन टिकैत मध्यप्रदेश, नर्मदापुरम संभागीय अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह राजपूत, नर्मदापुरम जिला अध्यक्ष श्री राजेश जाट, संगठन मंत्री सुरेंद्र सिंह, सिवनी मालवा तहसील उपाध्यक्ष श्री रामनारायण रघुवंशी और किसान संघ सिवनी मालवा मीडिया और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्रभारी श्री प्रमोद लौवंशी तवा नहर के गेट की पूजा करने के लिए पहुंचे और गेट से नहरों में जल प्रवाह शुरू किया गया। वर्तमान में बांयी तट नहर में लगभग 1000 क्यूसेक पानी हरदा जिले के लिए छोड़ा गया है जो धीरे-धीरे कल तक 2500 क्यूसेक कर दिया जाएगा।
मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम (होशंगाबाद) जिले की इटारसी तहसील में ‘रानीपुर’ के पास तवा नदी पर तवा बांध के निर्माण की आधारशिला देश के प्रथम प्रधानमंत्री स्व.श्री जवाहरलाल नेहरू ने 1958 में रखी थी। तवा नदी मध्य भारत की मुख्य नदी नर्मदा की सहायक नदी है। तवा नदी की लंबाई लगभग 117 किलोमीटर है और यह सतपुड़ा पर्वत से निकलती है। तवा बांध का निर्माण 1974 में एवं इससे निकलने वाली सिंचाई नहरों का निर्माण 1978 में पूरा हुआ है। तवा बांध का जलग्रहण क्षेत्र 5,983 वर्ग किलोमीटर है। बांध सिंचाई और नगरपालिका के उपयोग के लिए पानी की आपूर्ति के लिए संचालित है।
तवा बांध की लंबाई 1815 मीटर है। बांध का अधिकतम जल स्तर 356.66 मीटर (1166 फुट) है, और जलसंग्रहण क्षमता 1993 मिलियन घन मीटर है। इसकी वार्षिक अनुमानित सिंचाई क्षमता अविभाजित होशंगाबाद जिले के समय और वर्तमान हरदा जिले की की माचक नहर बनने से पहले 3,32,720 हेक्टेयर थी।
तवा बांध के दोनों किनारे पर नहरें बनाई गई हैं।
1) बाएं किनारे की नहर हरदा जिले तक लगभग 120 किलोमीटर लंबी है।
2) दाहिने किनारे की नहर लगभग 76.85 किलोमीटर लंबी है।
