टीकमगढ़। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिले में 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के असाक्षरों को साक्षर बनाने के लिए स्वयंसेवी अक्षरसाथी के सहयोग से बेहतर प्रयास किये जा रहे हैं। इसीक्रम में रविवार को जिले के चार विकासखण्डों में 984 स्थानों पर 40 हजार से अधिक नवसाक्षरों द्वारा दक्षता मूल्यांकन परीक्षा दी गई। परीक्षा केन्द्र स्कूलों को बनाया गया। जहां सामाजिक चेतना केन्द्र स्थापित किये गये हैं जिसमें टीकमगढ़ विकासखण्ड में 259 बल्देवगढ़ विकासखण्ड में 268 जतारा विकासखण्ड में 225 तथा पलेरा विकासखण्ड में 232 शामिल हुये। परीक्षा केन्द्रों को रंगोली गुब्बारों, फूल मालाओं से सजाया गया। जहां परीक्षा देने आने वाले नवसाक्षरों का स्कूल स्टॉफ द्वारा तिलक एवं माला पहनाकर स्वागत किया गया तथा गाजे बाजे के साथ नवसाक्षरों को खुशनुमा माहौल में परीक्षा करवाई गई। इस अवसर पर समाज को निस्वार्थ भाव से अपनी सेवाएं देने वाले अक्षर साथियों का भी फूलमाला से स्वागत किया। जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी आरके पस्तोर ने साक्षरता सह समन्वयक बृजेन्द्र तिवारी के साथ प्राथमिक शाला अनुसूचित जाति बस्ती नारगुड़ा का भ्रमण किया जहां प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी द्वारा अक्षर साथी सुरेन्द्र अहिरवार का माला पहनाकर धन्यवाद ज्ञापित किया।
कलेक्टर अवधेश शर्मा द्वारा दक्षता मूल्यांकन परीक्षा में जिला स्तर से मॉनीटरिंग के लिए दल गठित किये गये। बीआरसी द्वारा समस्त सीएसी से परीक्षा आयोजन की सतत मॉनीटरिंग कराई गई। जिले में नवसाक्षरों में परीक्षा देने की ललक देखी गई। सुबह 9 बजे से परीक्षा केन्द्र पर नवसाक्षरों द्वारा आना शुरू कर दिया था।
इसी क्रम में रविवार के रोज जिले के निकटवर्ती ग्राम बड़माड़ई में उल्लास नवभारत साक्षरता परीक्षा का आयोजन किया गया। जिसमें नव असााक्षरों ने सम्मलित होकर परीक्षा दी। इस अवसर पर शाला में सुरेन्द्र कुमार मुन्नालाल शाहीन खातून बब्ली जैन पंकज खरे सुनील तिवारी रवि यादव सहित समस्त शैक्षणिक स्टॉक उपस्थित रहा। इस दौरान यह कार्यक्रम पूर्ण रूप से शासकीय नियमानुसार संचालित हुआ एवं उसका मूल्यांकन किया गया।
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