टीकमगढ़। जिला मुख्यालय के नजदीक सिद्ध शक्तिपीठ बगाज माता मंदिर पर आज 22 सितंबर 2025 से कुंवार माह के नवदुर्गा महोत्सव के चलते हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचेंगे और दर्शन पूजन कर माता रानी से अपनी मनौत्तियां मांगेंगे। इस वर्ष अत्यधिक वर्षा होने के कारण बगाज माता तालाब में अत्यधिक जल स्तर है जिसके चलते उसका बेसलियर चल रहा है और मंदिर पहुंचने वाले दोनों रास्तों से इस तालाब का वैसलियर गुजरता है जिसमें लगातार पानी जा रहा है और दोनों रास्तों से निकलने के लिए श्रद्धालु बड़े दिक्कत और परेशानी में है जहां से निकलना मुश्किल हो रहा है वाहनों का भी निकलना दुर्लभ हो रहा है पैदल चलना भी इस बेसलियर से निकलना श्रद्धालुओं को मुश्किल में डाल रहा है इस हालत में जिला प्रशासन की व्यवस्थाएं क्या रहती हैं यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा हालाकि इस सिद्ध शक्तिपीठ बगाज माता मंदिर पर हजारों की संख्या में भीड़ एकत्रित होती है जहां इस मंदिर पर पंचमी तिथि से श्रद्धालुओं का अधिक आना प्रारंभ होता है मध्य प्रदेश,उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों से श्रद्धालु यहां भारी संख्या में पहुंचते है जहां कभी-कभी इस मंदिर पर भीड़ भी अपना आपा खो देती है और उसको नियंत्रण में करना बड़ा ही मुश्किल हो जाता है इन हालातो में अब मंदिर पहुंचने वाले दोनों रास्तों में बाधा बने बगाज माता तालाब के इस बेसलियर वाले रास्तों की व्यवस्था जिला प्रशासन को बड़ी ही मुस्तैदी के साथ करना पड़ेगी यहां से गुजरने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि हादसा हो सकता है जहां श्रद्धालुओं ने इन रास्तों से गुजरने पर हादसे की आशंका जताई है क्योंकि पानी बेसलियर से अधिक निकल रहा है और इसमें काई भी जमी हुई है जहां वाहन भी सिलिप हो सकते हैं और जितनी जगह से इन रास्तों पर पानी निकल रहा है वह रास्ता भी सही नहीं है। उल्लेखनीय है की प्रसिद्ध शक्तिपीठ बगाज माता मंदिर पहुंचने के लिए सागर रोड और बुडे़रा रोड दोनों मार्गों से रास्ता आए हैं लेकिन मंदिर के करीब पहुंचते ही बगाज माता तालाब का जो बेसलियर बनाया गया है वह मंदिर तक पहुंचने वाले इन दोनों रस्ताओं के लिए बाधा बना हुआ है जहां बारिश अधिक हो जाने के कारण इन दोनों रास्तों से लगातार पानी बह रहा है सागर रोड की ओर से आने वाले रास्ते में तो कुछ ज्यादा ही पानी बह रहा है जहां से वाहन तो दूर की बात पैदल चलना भी श्रद्धालुओं को मुश्किल हो रहा है। मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालु देर -अबेर भी आते-जाते हैं जहां इन रास्तों में पानी निकल रहा है वहां प्रकाश की भी कोई व्यवस्था वहां नजर नहीं आ रही है।
—इनका कहना—
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मंदिर प्रबंधन समिति के साथ दो बार बैठक की गई हैं और रास्ताओं के लिए व्यवस्थाएं बनाई गई हैं जहां श्रद्धालुओं की सुविधाओं को देखते हुए व्यवस्थाएं कीं गई हैं।
सत्येंद्र गुर्जर तहसीलदार टीकमगढ़