टीकमगढ़, दिनांक – 12 नवम्बर 2025 टीकमगढ़ जिले में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई द्वारा प्रारंभ किए गए नवाचारों और अभियानों के उल्लेखनीय परिणाम सामने आए हैं। पुलिस के सतत प्रयासों, समाजिक सहभागिता और निरंतर जागरूकता अभियानों के परिणामस्वरूप जिले में महिला अपराधों में लगभग 37% तक की कमी दर्ज की गई है।
🔹 महिला अपराधों में उल्लेखनीय कमी (वर्ष 2024–2025)
अपराध का प्रकार वर्ष 2024 वर्ष 2025 कमी का प्रतिशत
शीलभंग 75 59 21.33%
दहेज हत्या 06 05 16.6%
दहेज प्रताड़ना 95 47 50.5%
भ्रूण हत्या / गुप्त व्ययन 07 04 42.8%
🔹 “नवपहल” – महिला सुरक्षा को नई दिशा देने वाली सोच
महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देते हुए पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई ने जिले में कई अभिनव अभियान प्रारंभ किए हैं। इन अभियानों ने न केवल अपराध दर में कमी की है बल्कि समाज में महिला सुरक्षा के प्रति विश्वास और जागरूकता भी बढ़ाई है।
नीड अभियान
कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम हेतु आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से संदिग्ध क्लीनिकों, सोनोग्राफी केंद्रों और चिकित्सकों पर सतत निगरानी रखी जा रही है।
परिणाम: भ्रूण हत्या के प्रकरणों में 42.85% की कमी।
परी अभियान
बालिकाओं को लैंगिक शोषण से बचाने हेतु स्कूलों और आंगनबाड़ियों में “गुड टच–बैड टच” की जानकारी दी जा रही है, साथ ही शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए गए हैं।
अब तक 55,309 बालिकाएँ हुईं जागरूक।
भरोसा अभियान
किशोरवय बालिकाओं और युवतियों को करियर मार्गदर्शन, विधिक जानकारी व आत्मरक्षा प्रशिक्षण देकर पुलिस पर भरोसा बढ़ाया गया है।
अब तक 6,328 युवतियाँ अभियान से लाभान्वित हुईं।
सहारा अभियान
घरेलू हिंसा, पारिवारिक कलह और विवादों में फँसी महिलाओं को संवाद, परामर्श और आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
192 महिलाओं को समय पर सहायता प्राप्त हुई।
आसरा अभियान
बुजुर्ग, असहाय और लाचार महिलाओं को वस्त्र, राशन, दवाइयाँ और आवश्यक वस्तुएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
अब तक 64 वृद्ध महिलाओं को मिला सहयोग।
परिवार जोड़ो अभियान
पुलिस का उद्देश्य परिवारों को जोड़ना है, तोड़ना नहीं। छह स्तर की काउंसलिंग द्वारा 72 परिवारों को टूटने से बचाया गया।
इसके परिणामस्वरूप दहेज प्रताड़ना के मामलों में 47.5% की कमी।
मजनू अभियान
महिलाओं और युवतियों को स्कूल, कॉलेज, कोचिंग, पार्क आदि स्थानों पर असामाजिक तत्वों से सुरक्षा प्रदान की जा रही है। 592 लोगों को समझाइश दी गई, जिससे छेड़छाड़ के मामलों में 22.3% की कमी दर्ज की गई।
🔹 नवाचार और कार्यप्रणाली
सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना।
संवेदनशील क्षेत्रों में महिला पेट्रोलिंग और निगरानी में वृद्धि।
स्कूल–कॉलेजों में सुरक्षा संवाद और आत्मरक्षा प्रशिक्षण।
सोशल मीडिया निगरानी व त्वरित शिकायत निवारण प्रणाली।
हेल्पलाइन 112 व 1090 पर त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध।
पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई का कथन
> “टीकमगढ़ पुलिस केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर प्रयासरत है। हमारे अभियानों का उद्देश्य महिला सुरक्षा को समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी बनाना है।”
🔹 जनअपील
टीकमगढ़ पुलिस सभी नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत पुलिस हेल्पलाइन 112 / 1090 या नजदीकी थाना से संपर्क करें।

