टीकमगढ़। संभागायुक्त सागर अनिल सुचारी की अध्यक्षता में जिले के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संभागायुक्त अनिल सुचारी ने संकल्प से समाधान अभियान, मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया एवं राजस्व प्रकरणों की गहन समीक्षा की। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ नवीत कुमार धुर्वे, अपर कलेक्टर शिवप्रसाद मंडराह, संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी शैलेन्द्र सिंह, टीकमगढ़ एसडीएम श्रीमती संस्कृति मुदित लटौरिया, डिप्टी कलेक्टर एसके तोमर, तहसीलदार सतेन्द्र सिंह गुर्जर सहित संबंधित विभाग प्रमुख प्रमुख उपस्थित रहे। बैठक में संभागायुक्त अनिल सुचारी ने संकल्प से समाधान अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि अभियान अंतर्गत आवेदन स्वीकृत कर पोर्टल पर दर्ज़ कराएं एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण कराएं एवं निरंतर मॉनिटरिंग करते हुए अभियान में प्रगति लाएं। उन्होंने योजनावार अभियान की समीक्षा करते हुए समस्त विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया कि अपने विभागों में लंबित आवेदन पत्रों को पोर्टल पर दर्ज कराएं। इसके साथ ही अभियान के दौरान शिविर लगाकर चालू खसरा खतौनी की नक्ल निःशुल्क वितरण की जाये एवं जाति प्रमाणपत्रों का निराकरण तय समय-सीमा में किया जाए। उन्होंने परिवहन विभाग एवं उच्च शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि शासकीय महाविद्यालय में अभियान चलाकर 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके युवाओं को नियमानुसार ड्राइविंग लायसेंस प्रदान किए जाए। संभागायुक्त श्री सुचारी ने निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव की प्राथमिकता अनुसार जिला चिकित्सालय में शिविर आयोजित कर निःशुल्क नेत्रों की जांच कर चश्मा वितरण किये जायें एवं बाल हृदय रोग उपचार कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने राजस्व प्रकरणों की गहन समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि सभी राजस्व अधिकारी समय-सीमा से बाहर जा चुके प्रकरणों को शत-प्रतिशत निराकरण किया जाना सुनिश्चित करें। राजस्व प्रकरणों की समीक्षा सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के माध्यम से करना सुनिश्चित करें एवं 100 दिवस, 50 दिवस से अधिक दिनों की नामांतरण, सीमांकन, बंटवारे के प्रकरण को तत्काल निराकृत कराते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करें।संभागायुक्त श्री सुचारी ने मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया की विधानसभावार समीक्षा की एवं शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से नाम काटने की प्रक्रिया में गंभीरता रखें। मौके पर जाकर, परिजनों से पूछकर पूर्णतः जांच करने के उपरांत ही संतुष्टिपूर्वक नाम काटे जायें। उन्होंने निर्देशित किया कि फॉर्म 6,7,8 के निराकरण को भी लक्ष्य बनाकर निराकृत करें।

