नारी शक्ति वंदन अधिनियम: महिला सशक्तिकरण से महिला नेतृत्व की ओर बढ़ते कदम I
इटारसी। स्थानीय शासकीय महात्मा गांधी स्मृति स्नातकोत्तर महाविद्यालय में ‘महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ’ द्वारा नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं और महिलाओं को देश की नीति निर्माण में उनकी आगामी भूमिका और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
विकसित भारत @2047 और आधी आबादी की भूमिका
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डॉ. राकेश मेहता ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि:
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संसद और विधानसभाओं में 33% आरक्षण नारियों को केवल वोटर से नीति निर्माता (Policy Maker) की श्रेणी में ला खड़ा करेगा।
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वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महिलाओं का नेतृत्व अनिवार्य है।
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यह अधिनियम भारतीय लोकतंत्र में एक युगांतकारी परिवर्तन की शुरुआत है।
सीधा प्रसारण और अतिथि उद्बोधन
कार्यक्रम के दौरान दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का सीधा प्रसारण दिखाया गया, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया। मुख्य अतिथि श्रीमती रेखा मालवीय (पार्षद) ने शासन द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और छात्राओं को सेवा भाव के साथ सामाजिक व राजनीतिक कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
कविता और ओजस्वी प्रस्तुति
वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. रश्मि तिवारी ने अपनी ओजस्वी कविताओं के माध्यम से महिलाओं के संघर्ष और उनकी शक्ति का वर्णन किया, जिससे पूरा सभागार तालियों से गूँज उठा। कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती श्रुति द्वारा किया गया एवं आभार प्रदर्शन श्रीमती भावना मालवीय ने किया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति: इस अवसर पर संयोजक डॉ. अर्चना शर्मा, डॉ. रश्मि तिवारी, डॉ. ओपी शर्मा, डॉ. पीके अग्रवाल, प्रोफेसर अरविंद शर्मा सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
आज का विचार
“नारी केवल घर की धुरी नहीं, राष्ट्र की शक्ति है;
जब वह नेतृत्व करती है, तो पूरा समाज प्रगति करता है।”
पत्रकार कुणाल पासवान

