जयस ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन: पेसा मोबिलाइजरों की सेवा बहाली और 8 महीने के रुके मानदेय की मांग I
इटारसी/नर्मदापुरम। राष्ट्रीय जय आदिवासी युवा शक्ति (JAYS) के संरक्षक एवं मनावर विधायक डॉ. हीरालाल अलावा तथा प्रदेश अध्यक्ष इंद्रपाल मरकाम के आह्वान पर आज पूरे प्रदेश के साथ-साथ नर्मदापुरम जिले में भी पेसा मोबिलाइजरों की सेवा बहाली को लेकर मोर्चा खोल दिया गया है। इसी क्रम में जयस कार्यकर्ताओं ने इटारसी में तहसीलदार श्रीमान शक्ति सिंह तोमर को महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिला कलेक्टर के माध्यम से सौंपा।
गांवों की रीढ़ हैं पेसा मोबिलाइजर: जयस
ज्ञापन सौंपने के दौरान जयस पदाधिकारियों ने सरकार से मुख्य रूप से मांग की है कि पेसा मोबिलाइजरों की सेवा समाप्ति के आदेश पर तुरंत रोक लगाई जाए, उनकी सेवाएं तत्काल बहाल की जाएं और पिछले 8 महीनों से लंबित उनका मानदेय तुरंत जारी किया जाए।
इस दौरान जयस जिला अध्यक्ष राजू भलावी ने प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि:
“राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. हीरालाल अलावा जी के निर्देश पर आज पूरा प्रदेश एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद कर रहा है। पेसा मोबिलाइजर हमारे आदिवासी बाहुल्य गांवों की रीढ़ हैं। इन्हें हटाना सीधे तौर पर पेसा कानून (PESA Act) को कमजोर करने की साजिश है, जिसे जयस बर्दाश्त नहीं करेगा।”
वरिष्ठ नेताओं और समाजसेवियों का मिला नेतृत्व
इस बड़े प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया का नेतृत्व मुख्य रूप से जयस जिला अध्यक्ष राजू भलावी, जिला प्रवक्ता कैलाश खुराना, म.प्र. आदिवासी विकास परिषद युवा प्रभाग के विशाल प्रधान, वरिष्ठ समाजसेवी व सलाहकार जियालाल मार्सकोले, लखनलाल अहिरवार तथा तवानगर से एस.एन. धुर्वे द्वारा किया गया।
केसला ब्लॉक सहित भारी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ता
इस दौरान केसला ब्लॉक सहित जिले भर से बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष पेसा मोबिलाइजर साथी उपस्थित रहे। इनमें मुख्य रूप से वर्षा सरयाम (चांदोंन), कंचन धुर्वे (तीखड़), राजकुमारी (पांडरी), प्रियंका (धुरपन), कीर्ति कटारे (पिपरिया खुर्द), कामिनी चौरे (गोंचीतरोंदा), मंजू उइके (ढाबा खुर्द), पूजा आठनेर (रानीपुर), ज्योति साहू (नागपुर कलां), सुरेखा पार्टी (कांदई कलां), श्वेता भट्टी, रवीना चौधरी (घाटली), सरोज धुर्वे (टांगना), ज्योति वट्टी, कृष्णा (चौकीपुरा), शिवपुरी (साधपुरा), कमलेश परते (गजपुर), दीपेंद्र परते (मलोथर), दिलीप उईके (केसला), सिद्धार्थ (जुझारपुर), घनश्याम (पिपरिया कलां), अशोक (कोहदा), अंकुश उईके (छीतापुरा), श्रीकृष्ण (चांदकीया), पूजा (पथरौटा), राधा यादव (नया भाड़ भूढ़) सहित सैकड़ों युवा साथी उपस्थित रहे।
ज्ञापन स्वीकार करते हुए तहसीलदार महोदय ने आश्वासन दिया कि कार्यकर्ताओं की इस जायज मांग और ज्ञापन को जिला कलेक्टर के माध्यम से जल्द से जल्द राजभवन प्रेषित किया जाएगा।
आज का विचार
“अधिकारों की लड़ाई कभी आसान नहीं होती, लेकिन जब हक की आवाज संगठित होकर उठती है, तो व्यवस्था को भी झुकना पड़ता है। समाज के अंतिम व्यक्ति की सेवा करने वालों का सम्मान ही सच्चे लोकतंत्र की पहचान है।”

