पानी का संकट और ऊपर से बर्बादी: वार्ड 26 में आंगनबाड़ी केंद्र के पास सरकारी नल से 4 दिनों से बह रहा पानी, अधिकारी बेपरवाह I
इटारसी। एक तरफ जहां भीषण गर्मी के इस दौर में शहर के कई हिस्सों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं और जल संकट गहराता जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण हजारों लीटर पीने का साफ पानी सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है। ऐसा ही एक गंभीर मामला वार्ड नंबर 26 से सामने आया है।
वार्ड नंबर 26 स्थित बोर्डिंग स्कूल हरिजन छात्रावास के ठीक पीछे संचालित आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में लगा सरकारी नल पिछले तीन-चार दिनों से लगातार लीकेज हो रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नल से चौबीसों घंटे पानी का रिसाव हो रहा है, जिससे न सिर्फ पानी बर्बाद हो रहा है बल्कि आंगनबाड़ी के आसपास दलदल और गंदगी की स्थिति भी बन रही है।
शिकायत के बाद भी नहीं जागे जिम्मेदार वार्डवासियों ने रोष जताते हुए बताया कि इस लीकेज को लेकर संबंधित विभाग और लाइनमैन को सूचना दी जा चुकी है। स्थानीय स्तर पर भी बोला गया है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। किसी भी कर्मचारी ने आकर इस लीकेज को ठीक करने की जहमत नहीं उठाई।
पहले ही पानी की किल्लत, फिर यह लापरवाही क्यों? स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वार्ड में पहले से ही पानी का दबाव कम होने और समय पर सप्लाई न होने से पानी की भारी समस्या बनी हुई है। ऐसे संकट के समय में सरकारी अमले द्वारा पानी की इस तरह बर्बादी को अनदेखा करना समझ से परे है।
आंगनबाड़ी केंद्र में आने वाले बच्चों और वार्डवासियों ने नगर पालिका प्रशासन और जल प्रदाय विभाग के संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि इस समस्या को गंभीरता से लिया जाए और तत्काल टीम भेजकर लीकेज को सुधारा जाए, ताकि पानी की बूंद-बूंद को कीमती मानकर बचाया जा सके।
आज का विचार:
“एक तरफ जनता पानी की किल्लत से जूझ रही है, और दूसरी तरफ प्रशासनिक अनदेखी के कारण अमूल्य जल सड़कों पर बह रहा है। जल संरक्षण सिर्फ नारों में नहीं, बल्कि अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई और हमारी सजगता में दिखना चाहिए।”
– जनपक्षीय पत्रकारिता, कुणाल की कलम से
पत्रकार कुणाल पासवान (इटारसी)

