इटारसी : भारत सरकार संसदीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार आज शासकीय कन्या महाविद्यालय, इटारसी में भारत लोकतंत्र की जननी पर आधारित 72 वा संविधान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर बाबा भीमराव अंबेडकर के समक्ष पुष्प अर्पित कर प्रमुख वक्ताओं ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना, निर्माण, स्रोत, मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य, सरकार की संरचना, केंद्र राज्य संबंध, स्वतंत्र न्यायपालिका, राज्य के नीति निर्देशक तत्व, संविधान का लोकतंत्र में महत्व आदि पर विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.आर. एस. मेहरा ने कहा कि संविधान की प्रस्तावना, संविधान की आत्मा है, हम सभी नागरिकों को संविधान का ज्ञान होना चाहिए। हमारे संविधान की भावना युवा केंद्रित है, अतः युवाओं में संविधान के प्रति समझ बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। डॉ. संजय आर्य ने कहा कि यह दुनिया का सबसे लंबा लिखित राष्ट्रीय संविधान है। भारत का संविधान हमें एक आजाद देश के आजाद नागरिक की भावना का एहसास कराता है। श्री रविंद्र कुमार चौरसिया ने कहा कि भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश के संचालन हेतु संविधान की रचना की गई जिससे सभी वर्गों का समग्र विकास संभव हो सके। श्री अमित कुमार ने संविधान के प्रमुख अनुच्छेदों पर प्रकाश डाला और संविधान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में बताया। श्री स्नेहांशु सिंह ने बताया कि संविधान का ज्ञान अर्जित करने के लिए उसकी पुस्तकों को पढ़ना आवश्यक है। कार्यक्रम में आभार व्यक्त करते हुए डॉ.शिरीष परसाई ने कहा कि संविधान की प्रस्तावना के पहले तीन शब्द हम भारत के लोग एक आव्हान हैं, एक संकल्प है, एक विश्वास है, एक उम्मीद है, एक ताकत है। इस ताकत के दम पर ही आज भारत पूरी क्षमता के साथ विश्व को मार्गदर्शित कर रहा है। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा समस्त प्राध्यापकों एवं छात्राओं को संविधान की प्रस्तावना की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर डॉ. कुमकुम जैन, श्रीमती मंजरी अवस्थी, श्री अमित कुमार, डॉ. संजय आर्य, श्री स्नेहान्सु सिंह, श्रीमती पूनम साहू, श्री रविंद्र चौरसिया डॉ. शिरीष परसाई, डॉ. मुकेश चंद्र बिष्ट, डॉ. श्रद्धा जैन, डॉ. शिखा गुप्ता, डॉ. नेहा सिकरवार, श्री एन.आर.मालवीय, तरुणा तिवारी कु. क्षमा वर्मा, कु. प्रिया कलोसिया, कु. रश्मि मेहरा एवं छात्राएँ उपस्थित थी।


