इटारसी स्टेशन पर देवदूत बना RPF जवान: चलती मंगला एक्सप्रेस में चढ़ते समय फिसला यात्री, आरक्षक ने खींचकर बचाई जान l
चलती ट्रेन में चढ़ने की होड़ पड़ सकती है जान पर भारी; सतर्कता और मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा
इटारसी-देश के सबसे व्यस्त रेलवे जंक्शनों में शुमार इटारसी रेलवे स्टेशन पर मंगलवार की शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के एक जवान की सजगता और त्वरित सूझबूझ के चलते चलती ट्रेन में चढ़ते समय दुर्घटनाग्रस्त हो रहे यात्री को सुरक्षित बचा लिया गया। RPF के इस साहसिक कार्य ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मुस्तैद सुरक्षा बल केवल व्यवस्था ही नहीं संभालते, बल्कि संकट के समय देवदूत बनकर जीवन रक्षा भी करते हैं।
कैसे घटा पूरा घटनाक्रम?
जानकारी के अनुसार, घटना शाम लगभग 06:30 बजे की है। गाड़ी संख्या 12618 (मंगला एक्सप्रेस) प्लेटफॉर्म नंबर 2 से अपने गंतव्य के लिए रवाना हो रही थी। ट्रेन के गति पकड़ते ही एक यात्री हड़बड़ी में चलती गाड़ी में चढ़ने की कोशिश करने लगा। इस दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह प्लेटफॉर्म तथा ट्रेन के बीच बने खतरनाक गैप (gap) की ओर खींचने लगा।
बिना एक पल गंवाए RPF जवान ने दिखाई जांबाजी
प्लेटफॉर्म पर ऑन-ड्यूटी तैनात RPF के प्रधान आरक्षक राकेश सिंह तोमर की नजर जैसे ही उस यात्री पर पड़ी, उन्होंने स्थिति की भयावहता को तुरंत भांप लिया। अपनी जान की परवाह किए बिना आरक्षक तोमर ने चंद सेकेंड के भीतर दौड़कर यात्री को मजबूती से खींच लिया। यदि एक सेकेंड की भी देरी होती, तो यात्री ट्रेन के पहियों के नीचे आ सकता था।
जवान की त्वरित कार्रवाई की बदौलत यात्री को खरोंच तक नहीं आई। प्राथमिक देखभाल के बाद उसे सुरक्षित रूप से ट्रेन में बैठाकर आगे की यात्रा के लिए रवाना किया गया।
विचार और विश्लेषण: क्यों नहीं थम रहीं ऐसी लापरवाहियां?
जल्दबाजी पर भारी पड़ती जिंदगी:
इटारसी जंक्शन पर आए दिन यात्री जल्दबाजी के चक्कर में चलती ट्रेन पकड़ने की कोशिश करते नजर आते हैं। मंगला एक्सप्रेस जैसी सुपरफास्ट ट्रेनों में चढ़ने का यह जोखिम जानलेवा साबित हो सकता था। प्रधान आरक्षक तोमर का यह प्रयास न केवल एक जीवन बचाने वाली मिसाल है, बल्कि यात्रियों के लिए एक बड़ा सबक भी है कि चंद मिनटों की देरी से जिंदगी की कीमत कहीं अधिक है।
RPF की मुस्तैदी की सर्वत्र सराहना:
घटना के वक्त प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों ने जवान के इस अदम्य साहस और कर्तव्यपरायणता की भूरि-भूरि प्रशंसा की। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि यदि सुरक्षाकर्मी इतनी मुस्तैदी से तैनात न होते, तो एक परिवार का चिराग बुझ सकता था।
आरपीएफ की अपील: “सुरक्षित यात्रा ही सुखद यात्रा है”
घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) प्रशासन ने आम यात्रियों से अपील की है कि:
चलती हुई ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास कदापि न करें।
ट्रेन छूटने की स्थिति में अगले स्टेशन का विकल्प चुनें, अपनी जान जोखिम में न डालें।
प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच के अंतर (gap) के प्रति हमेशा सतर्क रहें।
रिपोर्ट: पत्रकार कुनाल पासवान — इटारसी)
