किशोर दा के बेहतरीन गीतों से गूंजा अभिनंदन सभागृह: 4 अगस्त को हुई सुरीली म्यूजिकल नाइट, गायकों ने बांधा समां I
इटारसी। शहर के गीत-संगीत प्रेमियों को हरफनमौला कलाकार एवं महान पार्श्व गायक स्व. किशोर कुमार (किशोर दा) के जन्म दिवस के अवसर पर 4 अगस्त को बेहतरीन फिल्मी गीतों से सजी एक शानदार म्यूजिकल नाइट सुनने को मिली। पुरानी इटारसी स्थित अभिनंदन सभागृह में आयोजित इस कार्यक्रम की शहरभर में भरपूर सराहना हो रही है।
“एक शाम किशोर दा के नाम” शीर्षक से आयोजित इस संगीतमय रात्रि का शुभारंभ रात्रि 8:30 बजे हुआ। जैसे ही सुरों की महफिल सजी, एक के बाद एक सोलो और ड्यूट (युगल) फिल्मी गीतों की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सुरीले गायकों की मनमोहक प्रस्तुतियां:
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कुमार अतुल शुक्ला व अर्चना शुक्ला: गायक कुमार अतुल शुक्ला ने “दिल में आग लगाए सावन का महीना” बेहतरीन अंदाज में प्रस्तुत किया। इसके बाद उन्होंने गायिका अर्चना शुक्ला के साथ प्रसिद्ध ड्यूट गीत “कोरा कागज था यह मन मेरा” गाकर संगीतमय माहौल बना दिया।
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मनीष जायसवाल, राधिका राणा व प्रीति तोमर: गायक मनीष जायसवाल एवं गायिका राधिका राणा ने “जाने कैसे कब कहां” और “तेरे बिना जिंदगी से कोई शिकवा” अपनी सुरीली आवाज में पेश किया। वहीं प्रीति तोमर और मनीष जायसवाल की जुगलबंदी में गाये गए गीत “तेरा साथ है कितना प्यारा” ने श्रोताओं का दिल जीत लिया।
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अन्य कलाकारों का जादू:
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शैलेंद्र दुबे – “छूकर मेरे मन को”
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श्वेता पगारे – “एक मैं और एक तू”
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विजय राव – “घुंघरू की तरह”
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अजय तोमर – “भोले ओ भोले” एवं “चेहरा है या चांद खिला है”
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अजय राज – “मुकद्दर का सिकंदर” एवं “जिंदगी हंसने गाने के लिए है”
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कमल किशोर व डेजी शुक्ला – “हमें और जीने की चाहत न होती”
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राकेश मालवीय – “दिल क्या करे”
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तरुण भार्गव – “ओ हंसिनी”
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कार्यक्रम के भावुक समापन पर मनीष जायसवाल और राकेश मालवीय ने किशोर दा का सदाबहार गीत “चलते-चलते मेरे ये गीत याद रखना” प्रस्तुत कर सभी की तालियां बटोरीं।
अतिथियों का सम्मान एवं आयोजन:
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में भाजपा नेता शैलेंद्र दुबे, मुकेश चंद्र मैंना, समाजसेवी व एडवोकेट रमेश के साहू, निलेश मालोनिया, राज चौकसे सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मंच से सभी आमंत्रित अतिथियों एवं इटारसी के जाने-माने एंकर श्री हसन नजमी का पुष्पगुच्छ भेंटकर आत्मीय सम्मान किया गया।
उल्लेखनीय है कि आलाप संगीत समिति, रोटरी क्लब इटारसी और इटारसी गीतमाला के संयुक्त तत्वाधान में यह भव्य आयोजन लगातार 9वें वर्ष सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। देर रात 12:30 बजे कार्यक्रम का समापन हुआ। अंत में कार्यक्रम के आयोजक मनीष जायसवाल और संयोजक अतुल शुक्ला ने सभी सहयोगियों व संगीत प्रेमियों का आभार व्यक्त किया।
कुणाल की कलम से: सुरमई यादें और स्थानीय प्रतिभाओं का अद्भुत संगम
किशोर दा केवल एक गायक नहीं, बल्कि हर संगीत प्रेमी के दिल की धड़कन हैं। इटारसी की पावन धरा पर लगातार 9 वर्षों से उनकी जयंती पर इस तरह का भव्य आयोजन होना शहर की समृद्ध सांस्कृतिक और संगीतमय सोच को दर्शाता है।
स्थानीय गायकों और कलाकारों ने जिस तन्मयता से किशोर दा के नग़मों को जीवंत किया, वह काबिले-तारीफ़ है। ऐसे आयोजन न केवल हमारी पुरानी सुनहरी यादों को ताजा करते हैं, बल्कि स्थानीय कलाकारों को एक सशक्त मंच प्रदान कर शहर में कला और संगीत की परंपरा को जीवित रखते हैं। आलाप संगीत समिति, रोटरी क्लब और इटारसी गीतमाला का यह प्रयास निस्संदेह प्रशंसनीय है।
रिपोर्ट: पत्रकार कुणाल पासवान

