नर्मदापुरम/ प्रदीप गुप्ता / विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट, नर्मदापुरम के न्यायालय द्वारा आरोपी को धारा 376 (3), भादवि. 5 ठ/6 पोस्को एक्ट.में 20 वर्ष सश्रम कारावास एवं कुल 5000 रूपये अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में जिला अभियोजन अधिकारी राजकुमार नेमा ने बताया कि नाबालिग कक्षा 9 वी मे पढ़ती थी। आरोपी आकाश का उसके घर आना जाना रहता था। पिछले साल वर्ष 2019 मे चाची के यहाँ भंडारे का कार्यक्रम था। उसमे आकाश भी आया था, उसी दिन रात्रि करीबन 8.00 बजे की बात है घर पर वह अकेली थी। आरोपी आकाश घर पर आया तथा अकेला पाकर बोला की तुम मुझे अच्छी लगती हो मैं तुमसे शादी करना चाहता हूं और फिर आकाश ने जबरदस्ती मेरे साथ मेरी मर्जी के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाए। आरोपी आकाश ने अभियोक्त्री के साथ 5-6 बार उसकी मर्जी के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाए। डर व बदनामी के कारण उसने यह बात किसी को नही बताई। इसके बाद नवम्बर 2020 में भी उसके साथ मर्जी के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाए तथा धमकी दी की यह बात किसी को मत बताना। मैने घर आकर चाचा व पापा को सारी घटना बताई तथा थाना देहात में रिपोर्ट कराई। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य पर न्यायालय ने विश्वास करते हुए विचारण उपरांत आरोपी को दोषसिद्ध किया। उक्त प्रकरण में विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट, नर्मदापुरम द्वारा अभियुक्त को उक्त घटना में दोषी पाकर धारा- 376(3) भादवि एवं 5 ठ/6 में पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं कुल 5000 रूपये अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में शासन की ओर से विषेष लोक अभियोजक लखन सिंह भवेदी, जिला-नर्मदापुरम द्वारा पैरवी की गई।

