टीकमगढ़। शासन – प्रशासन अपनी योजनाओं और अंतिम छोर तक विकास की बात कर चाहे जितनी दोहांइयां देता रहे लेकिन पात्रों तक उनके हितार्थ लाभ नहीं पहुंच पा रहे हैं जिसके चलते शासन की योजनाएं रसूखदारों और पैसे वालों के यहां फलती-फूलती दिखाई देती हैं। लेकिन गरीब पात्र बेसहारा लोग आज भी जस के तस हालातो में नजर आते है और दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं जहां वह शासन- प्रशासन के लाभों के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे है। जी हां हम आपको एक ऐसे ही मामले से अवगत करा रहे हैं मामला है नगर टीकमगढ़ के वार्ड क्रमांक 02 पुरानी टेहरी का जहां एक परिवार आवास के लिए पात्र है लेकिन उसका कहना है कि वह 04 सालों से भटक रहा है लेकिन उसे आवास का लाभ नहीं मिला उस परिवार की स्थिति यह है कि जिस मकान में वह रह रहा है कभी भी उस मकान का लेंटर गिर सकता है और मकान धराशाही हो सकता है लेकिन मजबूरी है कि उस परिवार को उसमें रहना ही पड़ रहा है। वहीं दूसरी समस्या एक और देखने को मिली जो बड़ी ही विडंबना थी इस परिवार के पास जिला मुख्यालय में निवास रत होने के बाद भी शौचालय नहीं है जहां इस परिवार के बच्चे रोजाना कांपलेक्स का उपयोग करते हैं शासन प्रशासन के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि ऐसे लोगों तक लाभ शासन के क्यों नहीं पहुंच रहे हैं वहीं इस परिवार की हालत इतनी दयनीय है कि उनका भरण पोषण भी मुश्किल से हो पा रहा है इस परिवार में केवल एक महिला और उसकी तीन बेटियां हैं जो अपना भरण पोषण जैसे तैसे कर पा रही हैं हम बात कर रहे हैं पुरानी टेहरी मोहल्ले के स्वर्गीय अशोक सेन के परिवार की, अशोक सेन का देहांत करीब 04 वर्ष पूर्व हो गया था उनके घर में केवल तीन बेटियां हैं और उनकी पत्नी है उनकी पत्नी जगह-जगह मजदूरी कर अपनी तीनों बेटियों का भरण पोषण करती हैं और उनकी शिक्षा दीक्षा भरण पोषण के लिए दिन रात मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार को संभाल रही हैं जब इसकी जानकारी समाज सेवी कांग्रेसी युवा नेता जितेंद्र जैन क्रांतिकारी को लगी तब वह उस परिवार से मिलने पहुंचे और उस परिवार की 5000 हजार रुपए देकर सहायता भी की और परिवार के लिए हर संभव मदद करने की भी बात कही,जब प्रेस इस परिवार के पास पहुंचा तो स्वर्गीय अशोक सेन की पत्नी श्रीमती नीतू सेन ने बताया कि मेरी तीन बेटियां हैं तीनों पढ़ाई कर रही हैं उनकी फीस नहीं दे पा रही हूं उनका भरण पोषण भी नहीं कर पा रही हूं जब एक बेटी को फीस न देने से स्कूल से यह कहा गया कि जब तक फीस नहीं देगी तब तक आपकी बेटी परीक्षा नहीं दे पाएगी और उसका एडमिट कार्ड भी स्कूल से नहीं दिया गया तब जितेंद्र जैन क्रांतिकारी ने ऐसे मौके पर इस परिवार की आर्थिक सहायता की। श्रीमती नीतू सेन की केवल तीन बेटियां हैं बेटा नहीं है जहां बेटियों का भरण पोषण और उनकी शिक्षा दीक्षा के लिए वह दिन-रात मेहनत कर रही हैं और उनके मकान के छत का लेंटर भी टपक रहा है जो कभी भी गिर सकता है वहीं उन्होंने यह भी बताया कि हमारा मकान जब तालाब भरता है तो पानी में भी आ जाता है जिसके चलते इस परिवार को रात दिन बारिश के मौसम में यह भी चिंता सताती है कि मकान कभी भी गिर सकता है वही इस परिवार के पास शौचालय भी नहीं है जिसके चलते परिवार को हर समय कांम्पलेक्स का उपयोग करना पड़ रहा है श्रीमती नीतू सेन सहित उनकी बेटियों ने शासन जिला प्रशासन से यह मांग की है कि हमारी यथा संभव मदद की जाए। श्रीमती नीतू सेन की बेटियों मे नंदिनी, निधि, साक्षी ने बताया कि हमारी मां जगह-जगह काम करती हैं और हम लोगों का पालन पोषण कर रहीं हैं। उल्लेखनीय है कि शासन- प्रशासन की इतनी योजनाएं संचालित होने और शासन प्रशासन के हर संभव प्रयास होने के बाद भी ऐसे परिवारों को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है तो यह सब समझ से परे है।