बाबा साहेब के आदर्शों से ही संभव है समतामूलक समाज: कांग्रेस सेवादल ने मनाई अंबेडकर जयंती I
इटारसी। भारतीय संविधान के शिल्पी और महान समाज सुधारक डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर, जिला कांग्रेस सेवादल के निर्देशन में इटारसी नगर कांग्रेस सेवादल द्वारा भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। गोस्वामी मैरिज गार्डन में संपन्न हुए इस गरिमामय समारोह में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पार्षदों और गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में शिरकत की।
सामाजिक न्याय और संवैधानिक गरिमा पर चर्चा
कार्यक्रम का शुभारंभ बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। वक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्ष और संविधान निर्माण में उनके अद्वितीय योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन हमें समानता और अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करने की प्रेरणा देता है।
प्रमुख वक्ताओं के विचार
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अमित गुप्ता (जिला सेवादल अध्यक्ष): उन्होंने उद्बोधन की शुरुआत करते हुए सेवादल के उद्देश्यों और बाबा साहेब के विचारों के तालमेल पर प्रकाश डाला।
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रवि किशोर जायसवाल (पूर्व नपा अध्यक्ष): उन्होंने सामाजिक समानता के महत्व को रेखांकित किया।
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पुष्पराज पटेल (पूर्व जिला अध्यक्ष): उन्होंने युवाओं को बाबा साहेब के बताए शिक्षा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
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गजानंद तिवारी (प्रदेश अध्यक्ष, सेवादल यंग ब्रिगेड): उन्होंने संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए युवाओं की भागीदारी पर जोर दिया।
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एडवोकेट रमेश साहू: कार्यक्रम के समापन पर उन्होंने बाबा साहेब के पाँच प्रमुख समतामूलक उद्देश्यों की विस्तृत व्याख्या की और समाज में भाईचारा स्थापित करने का संकल्प दिलाया।
संकल्प और आभार
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने एकजुट होकर संविधान की रक्षा और सामाजिक न्याय के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया। नगर कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष और पार्षद दिलीप गोस्वामी ने सभी वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं और नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
आयोजन में ये रहे उपस्थित: इस अवसर पर संतोष गुरयानी, अजय अहिरवार, प्रवीण गांधी, पंकज राठौर, संजय धर, शुभम वालिया, उत्कर्ष गालर, अंजलि कालोसिया, मनीष चौधरी, शम्मी जायसवाल सहित बड़ी संख्या में सेवादल के साथी और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आज का विचार -कुणाल पासवान
“समानता केवल एक शब्द नहीं, एक अधिकार है;
और जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय,
नहीं मिलता, तब तक स्वतंत्रता अधूरी है।”
पत्रकार कुणाल पासवान

