निस्वार्थ नागरिक सेवा ही रेडक्रॉस की वास्तविक पहचान: कलेक्टर श्री मिश्रा
विश्व रेडक्रॉस दिवस पर समाजसेवी संस्थाएं और विभूतियाँ सम्मानित; कायस्थ समाज की ‘मातृशक्ति’ का बढ़ा मान
नर्मदापुरम।
रेडक्रॉस सोसायटी के संस्थापक हेनरी ड्यूनॉट के जन्मदिवस के अवसर पर 8 मई को जिला मुख्यालय स्थित रेवा सभाकक्ष में ‘विश्व रेडक्रॉस दिवस’ गरिमामय ढंग से मनाया गया। जिला रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष एवं कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले की उन संस्थाओं और व्यक्तियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने सामाजिक उत्थान और नागरिक सेवा में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
स्वच्छता के प्रति समर्पण का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की मातृशक्ति को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। संस्था की ओर से मंजू श्रीवास्तव ने कलेक्टर के हाथों प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया। उल्लेखनीय है कि इस संस्था के सभी सदस्य सेवानिवृत्त होने के बावजूद पिछले 3 वर्षों से निरंतर नर्मदा घाटों की साफ-सफाई में जुटे हुए हैं। मंजू श्रीवास्तव ने बताया कि उनका कार्य पूरी तरह निस्वार्थ है; इसके लिए वे सरकार से कोई अनुदान नहीं लेते और न ही यह कोई एनजीओ है, बल्कि यह समाज के प्रति उनकी व्यक्तिगत नैतिक जिम्मेदारी है।
विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले हुए पुरस्कृत
कलेक्टर श्री मिश्रा ने स्वच्छता, स्वास्थ्य और रक्तदान जैसे क्षेत्रों में सक्रिय योगदान देने वालों की सराहना करते हुए निम्नलिखित को सम्मानित किया:
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जय हो समिति: प्रत्येक रविवार को नर्मदा घाटों की स्वच्छता के लिए समर्पित अभियान चलाने हेतु।
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श्री केशव साहू: ग्रामीण क्षेत्रों में रक्तदान के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करने और जागरूकता बढ़ाने के लिए।
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सामाजिक सेवा: समाजसेवा के विभिन्न आयामों में उत्कृष्ट कार्य के लिए विपिन जैन, गौरव सेठ, उदित द्विवेदी, नीरजा फौजदार और डी एस दांगी को भी प्रशस्ति पत्र भेंट किए गए।
प्रशासनिक अधिकारियों की रही उपस्थिति
कलेक्टर ने अपने संबोधन में रेडक्रॉस के आदर्शों को रेखांकित करते हुए कहा कि निस्वार्थ भाव से की गई सेवा ही मानवता की सच्ची पहचान है। बैठक के दौरान जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन, डिप्टी कलेक्टर डॉ. बबीता राठौर, रेडक्रॉस चेयरमैन अरुण शर्मा, वाइस चेयरमैन डॉ. राजेश माहेश्वरी, मुकेश श्रीवास्तव सहित अन्य गणमान्य नागरिक और अधिकारी उपस्थित रहे।

