इटारसी पुलिस की बड़ी सफलता: तुलसी ज्वेलर्स में हुई 13 लाख की चोरी का 12 घंटे में खुलासा, कर्मचारी ही निकला चोर I
इटारसी। जिला नर्मदापुरम के पुलिस कप्तान और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में इटारसी पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सर्राफा बाजार में हुई लाखों की चोरी के मामले को महज 12 घंटों के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने चोरी किए गए शत-प्रतिशत मशरुका (माल) बरामद कर आरोपी कर्मचारी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
बीती 4 मई 2026 को सर्राफा मार्केट स्थित ‘तुलसी ज्वेलर्स’ के संचालक राकेश अग्रवाल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी ने बताया कि महीने के अंत में जब दुकान के स्टॉक का मिलान और हिसाब किया गया, तो सोने के मंगलसूत्र के 10 पेंडेंट गायब मिले। इनकी कुल कीमत लगभग 13 लाख रुपये आंकी गई। काफी खोजबीन और हिसाब मिलाने के बाद जब पेंडेंट नहीं मिले, तो चोरी की आशंका के चलते थाना इटारसी में अपराध क्रमांक 405/26, धारा 305(ए) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
बिना CCTV के ऐसे खुला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा तुरंत टीम गठित कर त्वरित एक्शन के निर्देश दिए गए। एसडीओपी इटारसी के मार्गदर्शन में जब पुलिस टीम ने दुकान का निरीक्षण किया, तो वहां CCTV कैमरे नहीं मिले।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दुकान का ही एक पुराना कर्मचारी गौरव नामदेव पिछले 15 दिनों से काम पर नहीं आ रहा था। शक होने पर पुलिस उसे थाने लेकर आई। शुरुआती पूछताछ में गौरव ने पुलिस को गुमराह करते हुए बताया कि वह इलाज और सामाजिक कार्यों के सिलसिले में शहर से बाहर था।
साइबर टीम और विस्तृत पूछताछ ने तोड़ी चुप्पी
गौरव की बातों पर संदेह होने पर जब साइबर टीम की मदद ली गई, तो उसकी लोकेशन और अन्य जानकारियां उसके बयानों से अलग मिलीं। पुलिस की सख्ती के आगे आरोपी टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसे पता था कि दुकान का हिसाब महीने के अंत में होता है, इसलिए उसने 17 अप्रैल को ही मौका पाकर 10 पेंडेंट निकाल लिए थे और तब से ही दुकान नहीं जा रहा था।
बरामदगी और टीम की भूमिका
पुलिस ने आरोपी गौरव नामदेव (निवासी दर्जी मोहल्ला, इटारसी) के घर से चोरी किए गए सभी 10 सोने के पेंडेंट (कीमत 13 लाख रुपये) बरामद कर लिए हैं।
इस त्वरित कार्रवाई में निरीक्षक गौरव बुंदेला, उपनिरीक्षक विपिन पाल, प्रधान आरक्षक मनमोहन अहिरवार, आरक्षक महेंद्र गुर्जर, आरक्षक राजकुमार झपाटे तथा साइबर टीम से आरक्षक संदीप एवं आरक्षक दीपेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

आज का विचार: “लालच में उठाया गया गलत कदम न केवल व्यक्ति का,
भविष्य बर्बाद करता है, बल्कि भरोसे की नींव को भी हिला देता है।”
पत्रकार कुणाल पासवान

