इटारसी : आजकल तेजी से बढ़ रही है नर्सिसिस्ट पर्सनैलिटी डिसऑर्डर (NPD) देखा जा रहा है कि यह मानसिक अवस्था अपने को स्वयंभू प्रदर्शित करने की होती है, मैं हूं तो कोई है ही नहीं, मैं ही सर्वे सर्वा हूं, सर्व श्रेष्ठ हूँ, मुझे कोई बदल नहीं सकता मेरे विचार को कोई परिवर्तित नहीं कर सकता । इस अवस्था में खुद की तारीफ सुनना पसंद होता है ऐसे लोग चाहते हैं कि जमाना उनकी तारीफ करे, यदि कोई बुराई कर दे तो मूड का चिड़चिड़ा हो जाना, सामनेवाले से झगड़ा करने लग जाना होता हैं । अगर किसी के बिहेवियर से यह लक्षण मैच कर रहे हैं तो उन्हें Alert होने की जरूरत है । दरअसल खुद को सर्वश्रेष्ठ मानना और बुराई सुनने पर झगड़ पड़ना, यह मेंटल डिसऑर्डर की निशानी है । इसे मेडिकल भाषा में पर्सनैलिटी डिसऑर्डर कहा जाता है । इसका समय पर इलाज न किया जाए तो नतीजे घातक हो सकते हैं, आइए जानते हैं इस बीमारी के बारे में
नार्सिसिस्ट पर्सनैलिटी डिसऑर्डर (NPD) क्या हैं ?
नार्सिसिस्म’ वह मानसिक अवस्था होती है, जिसे नार्सिसिस्ट पर्सनैलिटी डिसऑर्डर (NPD) कहा जाता है । ये डिसऑर्डर कई तरह के पर्सनैलिटी डिसऑर्डर में से एक है । इस बीमारी से पीड़ित लोग खुद को सर्वश्रेष्ठ मानते हैं । ऐसे लोग खुद पर अधिक ध्यान देते है । अपनी प्रशंसा सुनना चाहते हैं । सामान्य रिश्ते बनाने में उन्हें परेशानी होने लगती है । ऐसे लोग दूसरों के लिए इमोशनल भी नहीं होते । बस खुद में आत्ममुग्ध रहना, यही उनकी प्राथमिकता होती है । इस बीमारी से पीड़ित लाखों पुरुष, महिलाओं ने अपना वैवाहिक जीवन नष्ट कर लिया हैं । पति पत्नी के बीच वैमनस्यता को बढ़ावा मिला है । कुछ राजनीतिक नेताओं में भी यह बीमारी बहुतायत में देखने को मिलती है ।
बीमारी ऐसे लेती है चपेट में
ऐसे लोग खुद के सामने दूसरों को छोटा समझते हैं । बुराई होने पर बिखर जाते हैं । उनका कॉन्फिडेंस लेवल डाउन हो जाता है । उन्हें बचपन से सिर्फ तारीफ सुनने की आदत होती है । ऐसे लोग तेजी से इस बीमारी की चपेट में आते हैं । डिप्रेशन और एंग्जायटी साथ आ जाती हैं।
ऐसे करें इलाज
☑️ मेडिटेशन करना
☑️ खुद की अच्छाई व बुराई का मूल्यांकन करना
☑️ दूसरों से कम्पेरिजन करना बंद करना
☑️ ये न समझें कि आप जैसा दुनिया में एक ही है
☑️ खुद की अधिक तारीफ सुनने से बचें
☑️ डॉक्टर को दिखाकर इलाज कराएं या संपर्क करें
☯️ पीड़ित संपर्क करें डॉ प्रताप सिंह वर्मा M 7974372722


