नर्मदापुरम के चार ‘वृंदावन ग्रामों’ में 28 से 31 अक्टूबर तक आयोजित होगी ‘गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार प्रतियोगिता’ I
उत्कृष्ट देशी गोवंश पालकों को मिलेगा 1 लाख रुपये तक का प्रथम पुरस्कार, 28 अक्टूबर तक जमा होंगे आवेदन
इटारसी/नर्मदापुरम। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप मध्यप्रदेश पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा देशी गोवंश के संरक्षण, संवर्धन और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिले के चयनित ‘वृंदावन ग्रामों’ में गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।
नर्मदापुरम जिले के चार प्रमुख चयनित वृंदावन ग्रामों—बघवाड़ा (विधानसभा सिवनी मालवा), रायपुर (विधानसभा होशंगाबाद), सेमरीहरचंद (विधानसभा सोहागपुर) एवं बाचावानी (विधानसभा पिपरिया) में 28 से 31 अक्टूबर 2026 तक यह प्रतियोगिता आयोजित होगी। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 28 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। इस प्रतियोगिता में भारतीय उन्नत नस्ल के गोवंश का पालन करने वाले पशुपालक भाग ले सकेंगे।
कलेक्टर के नेतृत्व और जिला पंचायत CEO के मार्गदर्शन में होगी प्रतियोगिता
उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. विनोद कुमार पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि:
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मुख्य उद्देश्य: उन्नत देशी नस्ल की गायों के पालन को बढ़ावा देना, अधिक दुग्ध उत्पादन करने वाली गायों की पहचान करना तथा पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना।
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चयन प्रक्रिया: प्रतियोगिता में गायों के दुग्ध उत्पादन के निर्धारित मापदंडों के आधार पर पारदर्शी तरीके से विजेताओं का चयन किया जाएगा।
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समिति का गठन: प्रतियोगिता के सुचारू क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अध्यक्षता में विकासखंड स्तरीय समिति गठित की गई है।
विकासखंड स्तरीय समिति की निगरानी में प्राप्त आवेदनों का परीक्षण और दुग्ध उत्पादन का मूल्यांकन नियमों के अनुसार होगा। इसके पश्चात परिणाम जिला स्तरीय समिति को भेजे जाएंगे, जहां अंतिम सत्यापन के उपरांत विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।
पुरस्कार राशि: प्रत्येक गांव में मिलेंगे 1.75 लाख रुपये के पुरस्कार
प्रत्येक चयनित वृंदावन ग्राम के विजेताओं को निम्नानुसार पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे:
| स्थान | पुरस्कार राशि |
| प्रथम पुरस्कार | ₹ 1,00,000 (एक लाख रुपये) |
| द्वितीय पुरस्कार | ₹ 50,000 (पचास हजार रुपये) |
| तृतीय पुरस्कार | ₹ 25,000 (पच्चीस हजार रुपये) |
विभाग एवं प्रशासन ने चारों वृंदावन ग्रामों के सभी गोपालकों और पशुपालकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इस प्रतियोगिता को सफल बनाने की अपील की है। इसका मुख्य लक्ष्य चारों गांवों को उन्नत देशी गोवंश संरक्षण एवं दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करना है।
आज का विचार
“गौ-सेवा केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ और पर्यावरण संतुलन का आधार है। जब हम देशी गोवंश का संवर्धन करते हैं, तो हम आत्मनिर्भरता और आरोग्य की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाते हैं।”
:पत्रकार कुणाल पासवान

