समाजसेविका आराधना मालवी ने गौ पूजन कर सबको दी दीपावली की शुभकामनाएं

धूमधाम से मनाया गोवर्धन पर्व, गायों को लगाया विशेष पकवानों का भोग
आमला.शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में गोवर्धन पूजा का पर्व परंपरागत रूप से मनाया गया। गाय की पूजा अर्चन की गई और उन्हें पकवान खिलाए गये। गायेां को फूलों की माला पहनाकर गौवंश के संरक्षण का संकल्प लिया गया। सुषमा महिला जनकल्याण एवं बाल विकाश शिक्षण समिति की अध्यक्ष आराधना मालवी ने बताया कि दीपावली पर्व के बाद मनाया जाने वाला गोवर्धन पूजा का पर्व उन्होंने धूमधाम से मनाया। घर के बाहर गोवर्धन पूजा के लिए गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति बनाई गई।

गौमाता की पूजा-अर्चना की गई। वही जिले वासियों की दीपावली की बधाई प्रेषित की है वही गौमाता को विभिन्न पकवानों का भोग लगाया गया। गोवर्धन पर्व पर घरों को गोबर से लीपने और गायों में तैंतीस कोटि देवताओं का वास मानकर उनकी पूजा करने की परंपरा है। सुषमा महिला जनकल्याण एवं बाल विकाश शिक्षण समिति की अध्यक्ष आराधना मालवी ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर उठाकर भगवान इंद्र के प्रकोप से हजारों बृजवासियों व अन्य जीव जंतुओं को बचाया था, इसलिए गोवर्धन पर्वत को भगवान के समान माना जाता है और उनकी पूजा की जाती है।

इस दिन को अन्नकूट भी कहा जाता है। जिसमें भगवान को 56 प्रकार के भोग लगाए जाते हैं। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत की भी पूजा की जाती है। मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान का विशेष आशीर्वाद मिलता है।
